चोइथराम मंडी में बैंकिंग सुविधाओं की कमी:किसानों ने की नई शाखा खोलने मांग; सचिव ने कहा-भोपाल प्रस्ताव भेजेंगे

इंदौर। इंदौर की सबसे बड़ी देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी, चोइथराम मंडी में किसानों और व्यापारियों को उचित बैंकिंग सुविधा नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में अपनी उपज खरीदने और बेचने के लिए केवल एक बैंक शाखा और एक एटीएम उपलब्ध है। इस कारण किसानों ने मांग की है कि सुविधा बढ़ाने के लिए अन्य बैंकों की शाखा और एटीएम भी खोले जाएं। किसानों का कहना है कि चोइथराम मंडी परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की केवल एक शाखा है और मुख्य गेट पर एक ही एटीएम है। इस शाखा में स्टाफ की कमी रहती है और अक्सर सर्वर डाउन रहता है, जिससे किसानों को पैसे जमा करने और निकालने में समस्याएं आती हैं। बड़े पेमेंट के लिए कई बार बैंक में पर्याप्त फंड नहीं होते, जिससे पूरे दिन परेशानी होती है। आरटीजीएस करने में भी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा, कैश ले जाने में सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है, क्योंकि बड़ी रकम ले जाने से चोरी या लूट का डर रहता है। इसके साथ ही, एटीएम भी सप्ताह में 3-4 दिन तक बंद रहता है, जिससे किसानों को दूसरी निजी बैंक शाखा में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। लहसुन मंडी में खुले बैंक की मांग किसानों का कहना है कि एक ही बैंक शाखा से कैश पेमेंट और आरटीजीएस में परेशानी आती है। इसलिए, लहसुन मंडी के ऊपर खाली पड़ी जगह पर एक या दो अन्य बैंकों की शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके। मंडी सचिव नरेश परमार ने कहा किसानों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यदि कोई प्रस्ताव मिलता है तो वह उसे भोपाल भेजेंगे और हल निकाला जाएगा।

चोइथराम मंडी में बैंकिंग सुविधाओं की कमी:किसानों ने की नई शाखा खोलने मांग; सचिव ने कहा-भोपाल प्रस्ताव भेजेंगे
इंदौर। इंदौर की सबसे बड़ी देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी, चोइथराम मंडी में किसानों और व्यापारियों को उचित बैंकिंग सुविधा नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में अपनी उपज खरीदने और बेचने के लिए केवल एक बैंक शाखा और एक एटीएम उपलब्ध है। इस कारण किसानों ने मांग की है कि सुविधा बढ़ाने के लिए अन्य बैंकों की शाखा और एटीएम भी खोले जाएं। किसानों का कहना है कि चोइथराम मंडी परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की केवल एक शाखा है और मुख्य गेट पर एक ही एटीएम है। इस शाखा में स्टाफ की कमी रहती है और अक्सर सर्वर डाउन रहता है, जिससे किसानों को पैसे जमा करने और निकालने में समस्याएं आती हैं। बड़े पेमेंट के लिए कई बार बैंक में पर्याप्त फंड नहीं होते, जिससे पूरे दिन परेशानी होती है। आरटीजीएस करने में भी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा, कैश ले जाने में सुरक्षा की चिंता भी बनी रहती है, क्योंकि बड़ी रकम ले जाने से चोरी या लूट का डर रहता है। इसके साथ ही, एटीएम भी सप्ताह में 3-4 दिन तक बंद रहता है, जिससे किसानों को दूसरी निजी बैंक शाखा में जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। लहसुन मंडी में खुले बैंक की मांग किसानों का कहना है कि एक ही बैंक शाखा से कैश पेमेंट और आरटीजीएस में परेशानी आती है। इसलिए, लहसुन मंडी के ऊपर खाली पड़ी जगह पर एक या दो अन्य बैंकों की शाखाएं खोली जाएं, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके। मंडी सचिव नरेश परमार ने कहा किसानों को होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखते हुए यदि कोई प्रस्ताव मिलता है तो वह उसे भोपाल भेजेंगे और हल निकाला जाएगा।