मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ का सम्मेलन:मांगों और समस्याओं को लेकर आंदोलन करेंगे लिपिक

ग्रेड-पे में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के 50 हजार से अधिक लिपिक आंदोलन करेंगे। संभाग स्तर पर सम्मेलन कर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। दो दिन पहले मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के सतना में आयोजित सम्मेलन में संगठनात्मक गतिविधि बढ़ाने और विभिन्न मांगों को लेकर जल्द ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन में सतना जिले से सेवानिवृत्ति लिपिकों काे शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। यहां सतना के अलावा रीवा, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, मैहर, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सम्मेलन में मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं संयोजक मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा एसबी सिंह ने की। मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी ने बताया कि सम्मेलन में मांगों और समस्याओं को लेकर शासन की उदासीनता पर चर्चा की गई और शीघ्र ही भोपाल में संघ की प्रांतीय बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाने पर विचार हुआ। बैठक में तय किया गया कि लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ को प्रदेश स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जाए एवं संयुक्त मोर्चे को भी मजबूत बनाकर अपनी मांगों के संबंध में शीघ्र ही प्रदेश व्यापी आंदोलन का निर्णय लें। भोपाल में इसी सप्ताह बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। सम्मेलन में मुख्य रूप से संघ के संरक्षक राकेश सिंह हजारी, देवेंद्र व्यास, वाल्मीकि शुक्ला, मुकेश चतुर्वेदी, संतोष तिवारी, फुलेंद्र बहादुर सिंह, अरुण शर्मा, चित्र सेन गौतम, नागेश पांडे, अनिल खंपरिया के साथ सतना जिले के पदाधिकारीगण पूरन त्रिपाठी, केके शुक्ला, जिला शाखा अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मप्र लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ का सम्मेलन:मांगों और समस्याओं को लेकर आंदोलन करेंगे लिपिक
ग्रेड-पे में सुधार सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के 50 हजार से अधिक लिपिक आंदोलन करेंगे। संभाग स्तर पर सम्मेलन कर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है। दो दिन पहले मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के सतना में आयोजित सम्मेलन में संगठनात्मक गतिविधि बढ़ाने और विभिन्न मांगों को लेकर जल्द ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन में सतना जिले से सेवानिवृत्ति लिपिकों काे शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। यहां सतना के अलावा रीवा, सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, कटनी, मैहर, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सम्मेलन में मप्र अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चे के घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं संयोजक मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा एसबी सिंह ने की। मध्य प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष एवं संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी ने बताया कि सम्मेलन में मांगों और समस्याओं को लेकर शासन की उदासीनता पर चर्चा की गई और शीघ्र ही भोपाल में संघ की प्रांतीय बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाने पर विचार हुआ। बैठक में तय किया गया कि लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ को प्रदेश स्तर पर और अधिक सशक्त बनाया जाए एवं संयुक्त मोर्चे को भी मजबूत बनाकर अपनी मांगों के संबंध में शीघ्र ही प्रदेश व्यापी आंदोलन का निर्णय लें। भोपाल में इसी सप्ताह बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। सम्मेलन में मुख्य रूप से संघ के संरक्षक राकेश सिंह हजारी, देवेंद्र व्यास, वाल्मीकि शुक्ला, मुकेश चतुर्वेदी, संतोष तिवारी, फुलेंद्र बहादुर सिंह, अरुण शर्मा, चित्र सेन गौतम, नागेश पांडे, अनिल खंपरिया के साथ सतना जिले के पदाधिकारीगण पूरन त्रिपाठी, केके शुक्ला, जिला शाखा अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।