भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम की जयंती:पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय-1 में योग मुद्रा से शिक्षा में ज्ञान-ध्यान व जागरूकता का प्रदर्शन

पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस व विश्व विज्ञान दिवस मनाया गया। जिसमें कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों ने नृत्य के माध्यम से सबको शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। बच्चों ने नृत्य प्रस्तुतिकरण में विभिन्न मुद्राओं जैसे योग मुद्रा, सामाजिक व नैतिक शिक्षा प्रदर्शित करती मुद्राएं एवं शिक्षा में ज्ञान-ध्यान व जागरूकता का भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी तारतम्य में विभिन्न कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा भाषण भी प्रस्तुत किये गए, तत्पश्चात इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी ने बच्चों की भूरि भूरि सराहना की तथा मौलाना आजाद के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला । प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए इस सामाजिक उत्थान के महत्वपूर्ण आयाम को अपने आशीर्वचन के साथ विद्यार्थियों के साथ साझा किया।कार्यक्रम की रूपरेखा नीलेश कुशवाहा द्वारा तैयार की गई एवं कार्यक्रम का संचालन अभिषेक तिवारी (संस्कृत ) द्वारा किया गया।

भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम की जयंती:पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय-1 में योग मुद्रा से शिक्षा में ज्ञान-ध्यान व जागरूकता का प्रदर्शन
पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 में भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस व विश्व विज्ञान दिवस मनाया गया। जिसमें कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों ने नृत्य के माध्यम से सबको शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। बच्चों ने नृत्य प्रस्तुतिकरण में विभिन्न मुद्राओं जैसे योग मुद्रा, सामाजिक व नैतिक शिक्षा प्रदर्शित करती मुद्राएं एवं शिक्षा में ज्ञान-ध्यान व जागरूकता का भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी तारतम्य में विभिन्न कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा भाषण भी प्रस्तुत किये गए, तत्पश्चात इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी ने बच्चों की भूरि भूरि सराहना की तथा मौलाना आजाद के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला । प्राचार्य गौरव कुमार द्विवेदी ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए इस सामाजिक उत्थान के महत्वपूर्ण आयाम को अपने आशीर्वचन के साथ विद्यार्थियों के साथ साझा किया।कार्यक्रम की रूपरेखा नीलेश कुशवाहा द्वारा तैयार की गई एवं कार्यक्रम का संचालन अभिषेक तिवारी (संस्कृत ) द्वारा किया गया।