डेढ़ दशक तक बस्तर में सक्रिय महिला नक्सली का समर्पण

मानपुर की उर्मिला मुख्यधारा में लौटी छत्तीसगढ़ संवाददाता राजनांदगांव, 24 अप्रैल। मोहला-मानपुर जिले की रहने वाली एक महिला नक्सली उर्मिला ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। उर्मिला उत्तर बस्तर में करीब 13 साल तक नक्सल संगठन में सक्रिय रही। वह डेढ़ दशक तक रावघाट एरिया कमेटी की मेंबर के रूप में नक्सल गतिविधि में शामिल रही। बताया जाता है कि मोहला-मानपुर एसपी तक उर्मिला के समर्पण करने की खबर पहुंची। उर्मिला के खिलाफ उत्तर बस्तर में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अपराध संबंधी जानकारी जुटाने पुलिस कांकेर और नारायणपुर जिले से संपर्क कर रही है। बताया जाता है कि एसपी वाईपी सिंह ने उर्मिला तक समर्पण करने पर सुरक्षा देने का वादा किया। इसके बाद वह समर्पण के लिए एसपी से मिलने पहुंची। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को उर्मिला ने बताया कि वह दो माह पहले संगठन में हथियार छोडक़र गांव आने के लिए निकली थी। उसने बताया कि उत्तर बस्तर में सक्रिय रहने के दौरान कई बड़े नक्सल नेताओं से मुलाकात हुई। वह परतापुर नक्सली दलम में काफी समय तक रही। पुलिस की ओर से उर्मिला को शासन द्वारा पुनर्वास नीति का लाभ देने का भरोसा दिया गया है।

डेढ़ दशक तक बस्तर में सक्रिय महिला नक्सली का समर्पण
मानपुर की उर्मिला मुख्यधारा में लौटी छत्तीसगढ़ संवाददाता राजनांदगांव, 24 अप्रैल। मोहला-मानपुर जिले की रहने वाली एक महिला नक्सली उर्मिला ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। उर्मिला उत्तर बस्तर में करीब 13 साल तक नक्सल संगठन में सक्रिय रही। वह डेढ़ दशक तक रावघाट एरिया कमेटी की मेंबर के रूप में नक्सल गतिविधि में शामिल रही। बताया जाता है कि मोहला-मानपुर एसपी तक उर्मिला के समर्पण करने की खबर पहुंची। उर्मिला के खिलाफ उत्तर बस्तर में नामजद रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अपराध संबंधी जानकारी जुटाने पुलिस कांकेर और नारायणपुर जिले से संपर्क कर रही है। बताया जाता है कि एसपी वाईपी सिंह ने उर्मिला तक समर्पण करने पर सुरक्षा देने का वादा किया। इसके बाद वह समर्पण के लिए एसपी से मिलने पहुंची। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को उर्मिला ने बताया कि वह दो माह पहले संगठन में हथियार छोडक़र गांव आने के लिए निकली थी। उसने बताया कि उत्तर बस्तर में सक्रिय रहने के दौरान कई बड़े नक्सल नेताओं से मुलाकात हुई। वह परतापुर नक्सली दलम में काफी समय तक रही। पुलिस की ओर से उर्मिला को शासन द्वारा पुनर्वास नीति का लाभ देने का भरोसा दिया गया है।