डिंडौरी में नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन जारी:अस्थाई रेत जांच चौकियों पर आरोप, ग्रामीणों ने उठाई अवैध भंडारण की समस्या

डिंडोरी: सोमवार को करंजिया जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे ने नर्मदा नदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और अस्थाई रेत जांच चौकी के कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। देर शाम राजस्व निरीक्षक और पटवारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कई स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण दिखाए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। रेत उत्खनन और राजस्व हानि के आरोप जनपद अध्यक्ष ने बताया कि नर्मदा नदी के तेली टोला, रहगी, लाल खाटी, बंजर टोला, सिवनी संगम जैसे क्षेत्रों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इन गांवों के आसपास रेत का अवैध भंडारण होता है और रात के अंधेरे में माफिया अस्थाई चौकी के कर्मचारियों की मिलीभगत से परिवहन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय कार्यों के लिए रेत निकालने पर ठेकेदार के कर्मचारी बिना रसीद के मनमाना पैसा वसूलते हैं। इससे शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है। मोहतरा गांव के बीरेंद्र टेकाम ने बताया कि पाटनगढ़ में रेत नाका पर बैठे कर्मचारी अवैध वसूली करते हैं और पैसे न देने पर मारपीट करते हैं। उन्होंने खुद तीन बार ₹1,000 फोन पे से भुगतान किया है। धरने पर बैठे जनपद अध्यक्ष पूरे दिन अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कार्रवाई न होने पर सोमवार की शाम जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे ग्रामीणों के साथ रेत जांच चौकी के पास धरने पर बैठ गए। देर शाम करंजिया के राजस्व निरीक्षक संत राम और पटवारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में रेत के अवैध भंडारण के सबूत दिखाए। ठेकेदार के कर्मचारियों का बयान रेत ठेकेदार गुरजीत सिंह बेदी के कर्मचारियों शरद उर्फ गोलू और संग्राम सिंह उर्फ मोनू ने बताया कि नाकों पर किसी से अवैध वसूली नहीं की जा रही है। पहले कुछ कर्मचारियों पर आरोप लगे थे, जिन्हें काम से हटा दिया गया है। कलेक्टर का बयान कलेक्टर हर्ष सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा कि अस्थाई चौकियों का संचालन रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए किया गया है। अगर वसूली या अवैध गतिविधियों की शिकायत सही पाई जाती है, तो सख्त जांच कराई जाएगी। अस्थाई चौकियों की स्थापना खनिज विभाग द्वारा 21 नवंबर 2023 को कलेक्टर कार्यालय के आदेश पर बजाग के सागर टोला, सुकुलपुरा, पाटनगढ़, बुध गांव, सैलवार, पाटन, डिंडोरी के मोहारी, सक्का, मुड़की, शहपुरा और कठोतिया में अस्थाई रेत जांच चौकियां स्थापित की गई थीं। इनका संचालन ठेकेदार के कर्मचारी कर रहे हैं।

डिंडौरी में नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन जारी:अस्थाई रेत जांच चौकियों पर आरोप, ग्रामीणों ने उठाई अवैध भंडारण की समस्या
डिंडोरी: सोमवार को करंजिया जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे ने नर्मदा नदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और अस्थाई रेत जांच चौकी के कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। देर शाम राजस्व निरीक्षक और पटवारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कई स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण दिखाए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। रेत उत्खनन और राजस्व हानि के आरोप जनपद अध्यक्ष ने बताया कि नर्मदा नदी के तेली टोला, रहगी, लाल खाटी, बंजर टोला, सिवनी संगम जैसे क्षेत्रों से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। इन गांवों के आसपास रेत का अवैध भंडारण होता है और रात के अंधेरे में माफिया अस्थाई चौकी के कर्मचारियों की मिलीभगत से परिवहन करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय कार्यों के लिए रेत निकालने पर ठेकेदार के कर्मचारी बिना रसीद के मनमाना पैसा वसूलते हैं। इससे शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है। मोहतरा गांव के बीरेंद्र टेकाम ने बताया कि पाटनगढ़ में रेत नाका पर बैठे कर्मचारी अवैध वसूली करते हैं और पैसे न देने पर मारपीट करते हैं। उन्होंने खुद तीन बार ₹1,000 फोन पे से भुगतान किया है। धरने पर बैठे जनपद अध्यक्ष पूरे दिन अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कार्रवाई न होने पर सोमवार की शाम जनपद अध्यक्ष चरण सिंह धुर्वे ग्रामीणों के साथ रेत जांच चौकी के पास धरने पर बैठ गए। देर शाम करंजिया के राजस्व निरीक्षक संत राम और पटवारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में रेत के अवैध भंडारण के सबूत दिखाए। ठेकेदार के कर्मचारियों का बयान रेत ठेकेदार गुरजीत सिंह बेदी के कर्मचारियों शरद उर्फ गोलू और संग्राम सिंह उर्फ मोनू ने बताया कि नाकों पर किसी से अवैध वसूली नहीं की जा रही है। पहले कुछ कर्मचारियों पर आरोप लगे थे, जिन्हें काम से हटा दिया गया है। कलेक्टर का बयान कलेक्टर हर्ष सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा कि अस्थाई चौकियों का संचालन रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए किया गया है। अगर वसूली या अवैध गतिविधियों की शिकायत सही पाई जाती है, तो सख्त जांच कराई जाएगी। अस्थाई चौकियों की स्थापना खनिज विभाग द्वारा 21 नवंबर 2023 को कलेक्टर कार्यालय के आदेश पर बजाग के सागर टोला, सुकुलपुरा, पाटनगढ़, बुध गांव, सैलवार, पाटन, डिंडोरी के मोहारी, सक्का, मुड़की, शहपुरा और कठोतिया में अस्थाई रेत जांच चौकियां स्थापित की गई थीं। इनका संचालन ठेकेदार के कर्मचारी कर रहे हैं।