टीकमगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही:स्कूली वाहनों में भरे क्षमता से अधिक बच्चे, टैक्सियों में नहीं लगे सेफ्टी गार्ड

टीकमगढ़ की सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी अनदेखी की जा रही है। मंगलवार को कई स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए देखे गए। खास बात यह है कि टैक्सियों में बच्चों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले सेफ्टी गार्ड भी गायब थे। प्राइवेट वाहनों पर निर्भर अभिभावक शहर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आती है। कई स्कूलों में बच्चों को घर से लाने और ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। समाजसेवी मनोज जैन ने बताया कि अभिभावकों को मजबूरी में निजी टैक्सी, वैन और ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जो अक्सर क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर चलते हैं। मोटी फीस वसूल रहे स्कूल पर सुरक्षा पर ध्यान नहीं पुष्पा स्कूल, डिफोडिल, एंजेल एवोड, संस्कार इंग्लिश मीडियम और सरोज कॉन्वेंट जैसे कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को असुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचाया जा रहा है। अभिभावक लक्ष्मी बिदुआ ने बताया कि सरकारी और निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। प्राइवेट स्कूल मोटी फीस तो वसूल रहे हैं, लेकिन बच्चों को सुरक्षित परिवहन मुहैया कराने में पूरी तरह विफल हैं। वाहन चालकों की लापरवाही अधिकांश स्कूलों के पास खुद के वाहन नहीं हैं। प्राइवेट टैक्सियों, वैन और ई-रिक्शा के जरिए बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जाता है। टैक्सी चालक ज्यादा कमाई के चक्कर में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर स्कूल और घर तक पहुंचाते हैं। टैक्सी और वैन में भरे जा रहे 15-20 बच्चे अयोध्यापुरी कॉलोनी निवासी उमाशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि कई टैक्सियों में 15 से 20 बच्चों को बैठाया जा रहा है। ऐसे वाहनों के खिलाफ परिवहन और पुलिस विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। यातायात विभाग की कार्रवाईयातायात प्रभारी कैलाश पटेल ने कहा कि स्कूल वाहनों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की जांच की जाएगी।

टीकमगढ़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही:स्कूली वाहनों में भरे क्षमता से अधिक बच्चे, टैक्सियों में नहीं लगे सेफ्टी गार्ड
टीकमगढ़ की सड़कों पर दौड़ रहे स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी अनदेखी की जा रही है। मंगलवार को कई स्कूली वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए देखे गए। खास बात यह है कि टैक्सियों में बच्चों की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले सेफ्टी गार्ड भी गायब थे। प्राइवेट वाहनों पर निर्भर अभिभावक शहर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आती है। कई स्कूलों में बच्चों को घर से लाने और ले जाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। समाजसेवी मनोज जैन ने बताया कि अभिभावकों को मजबूरी में निजी टैक्सी, वैन और ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ता है, जो अक्सर क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर चलते हैं। मोटी फीस वसूल रहे स्कूल पर सुरक्षा पर ध्यान नहीं पुष्पा स्कूल, डिफोडिल, एंजेल एवोड, संस्कार इंग्लिश मीडियम और सरोज कॉन्वेंट जैसे कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को असुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचाया जा रहा है। अभिभावक लक्ष्मी बिदुआ ने बताया कि सरकारी और निजी स्कूल बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। प्राइवेट स्कूल मोटी फीस तो वसूल रहे हैं, लेकिन बच्चों को सुरक्षित परिवहन मुहैया कराने में पूरी तरह विफल हैं। वाहन चालकों की लापरवाही अधिकांश स्कूलों के पास खुद के वाहन नहीं हैं। प्राइवेट टैक्सियों, वैन और ई-रिक्शा के जरिए बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया जाता है। टैक्सी चालक ज्यादा कमाई के चक्कर में क्षमता से अधिक बच्चों को भरकर स्कूल और घर तक पहुंचाते हैं। टैक्सी और वैन में भरे जा रहे 15-20 बच्चे अयोध्यापुरी कॉलोनी निवासी उमाशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि कई टैक्सियों में 15 से 20 बच्चों को बैठाया जा रहा है। ऐसे वाहनों के खिलाफ परिवहन और पुलिस विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। यातायात विभाग की कार्रवाईयातायात प्रभारी कैलाश पटेल ने कहा कि स्कूल वाहनों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर स्कूल वाहनों की जांच की जाएगी।