श्रीकृष्ण-बलराम-सुदामा को ठंड से बचाने अंगीठी जलाई:उज्जैन में ढाई डिग्री गिरा तापमान, सांदीपनि आश्रम में भगवान को केसरिया दूध-जलेबी का भोग

उज्जैन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट के साथ ही मंगल नाथ रोड स्थित सांदीपनि आश्रम में विराजित श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा और महर्षि सांदीपनि को अब ठंड लगने लगी है। इन सभी को ठंड से बचाने के लिए मंदिर को अंगीठी जलाकर गर्म रखा जा रहा है। भगवान को ऊनी वस्त्र पहनाए गए हैं। केसरिया दूध और जलेबी का भोग लगाया जा रहा है। उज्जैन में सोमवार को पारा 9 डिग्री तक पहुंचा था। जिसके बाद चार दिन तक पारा 16 डिग्री के आसपास रहा। अब शुक्रवार रात को पारा करीब ढाई डिग्री गिरकर 13.8 डिग्री पर पहुंच गया है। ठंड बढ़ने से श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में भगवान को ठंड से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। सुबह आरती के पश्चात श्रीकृष्ण-बलराम-सुदामा को ऊनी वस्त्र धारण करवाए गए। ठंड से बचाने के लिए भगवान के सामने अंगीठी रखी गई। महर्षि सांदीपनि जी और बाल गोपाल को भी शाल उढ़ाई गई। मंदिर के पुजारी रुपम व्यास ने बताया की प्रति वर्ष अनुसार कार्तिक पूर्णिमा से मकर सक्रांति तक भगवान काे ठंड से बचाने के लिए उनका विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप इसलिए विशेष ध्यान - पंडित व्यास ने बताया कि श्री कृष्ण, बलराम और सुदामा गुरु सांदीपनि आश्रम में अपने बाल्य काल में रहे थे। ठंड में सबसे ज्यादा बच्चों की देख भाल की जाती है। इसलिए हमारा दायित्व है कि कृष्ण के इस बचपन में हम उनकी सेवा कर सके। फिलहाल सभी को ऊनी कपड़े पहनाकर अंगीठी लगाई गई है। भगवान को सुबह गर्म दूध-जलेबी और गर्म भोजन का भोग लगाया जा रहा है।

श्रीकृष्ण-बलराम-सुदामा को ठंड से बचाने अंगीठी जलाई:उज्जैन में ढाई डिग्री गिरा तापमान, सांदीपनि आश्रम में भगवान को केसरिया दूध-जलेबी का भोग
उज्जैन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट के साथ ही मंगल नाथ रोड स्थित सांदीपनि आश्रम में विराजित श्रीकृष्ण, बलराम, सुदामा और महर्षि सांदीपनि को अब ठंड लगने लगी है। इन सभी को ठंड से बचाने के लिए मंदिर को अंगीठी जलाकर गर्म रखा जा रहा है। भगवान को ऊनी वस्त्र पहनाए गए हैं। केसरिया दूध और जलेबी का भोग लगाया जा रहा है। उज्जैन में सोमवार को पारा 9 डिग्री तक पहुंचा था। जिसके बाद चार दिन तक पारा 16 डिग्री के आसपास रहा। अब शुक्रवार रात को पारा करीब ढाई डिग्री गिरकर 13.8 डिग्री पर पहुंच गया है। ठंड बढ़ने से श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम में भगवान को ठंड से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। सुबह आरती के पश्चात श्रीकृष्ण-बलराम-सुदामा को ऊनी वस्त्र धारण करवाए गए। ठंड से बचाने के लिए भगवान के सामने अंगीठी रखी गई। महर्षि सांदीपनि जी और बाल गोपाल को भी शाल उढ़ाई गई। मंदिर के पुजारी रुपम व्यास ने बताया की प्रति वर्ष अनुसार कार्तिक पूर्णिमा से मकर सक्रांति तक भगवान काे ठंड से बचाने के लिए उनका विशेष ध्यान रखा जाता है। श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप इसलिए विशेष ध्यान - पंडित व्यास ने बताया कि श्री कृष्ण, बलराम और सुदामा गुरु सांदीपनि आश्रम में अपने बाल्य काल में रहे थे। ठंड में सबसे ज्यादा बच्चों की देख भाल की जाती है। इसलिए हमारा दायित्व है कि कृष्ण के इस बचपन में हम उनकी सेवा कर सके। फिलहाल सभी को ऊनी कपड़े पहनाकर अंगीठी लगाई गई है। भगवान को सुबह गर्म दूध-जलेबी और गर्म भोजन का भोग लगाया जा रहा है।