राम मंदिर चंदा और चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो - सिंहदेव

पूर्व डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट की जवाबदेही पर उठाए सवाल छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 16 जून। अंबिकापुर स्थित राजीव भवन में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ विश्वासघात का मामला है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और सामथ्र्य के अनुसार चंदा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन के माध्यम से राजनीति की और अब मंदिर से जुड़े चंदे एवं चढ़ावे में कथित गड़बडिय़ों के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे, ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवाल तथा मीडिया में सामने आई विभिन्न रिपोर्टों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है। सिंहदेव ने कहा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए और केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के गठन और प्रशासनिक व्यवस्था में केंद्र सरकार की भूमिका रही है, इसलिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस की ओर से उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने, कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने तथा मंदिर निर्माण, चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और विभिन्न आयोजनों के खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देशवासियों की आस्था के प्रतीक हैं। यदि चंदे और चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, हेमंत सिंहा,अनूप मेहता, आशीष जायसवाल सहित अन्य मौजूद थे।

राम मंदिर चंदा और चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो - सिंहदेव
पूर्व डिप्टी सीएम ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट की जवाबदेही पर उठाए सवाल छत्तीसगढ़ संवाददाता अंबिकापुर, 16 जून। अंबिकापुर स्थित राजीव भवन में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में लगाए जा रहे आरोप सही हैं तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास के साथ विश्वासघात का मामला है। टीएस सिंहदेव ने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के केंद्र हैं। मंदिर निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने अपनी श्रद्धा और सामथ्र्य के अनुसार चंदा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्षों तक राम मंदिर आंदोलन के माध्यम से राजनीति की और अब मंदिर से जुड़े चंदे एवं चढ़ावे में कथित गड़बडिय़ों के आरोप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे, ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवाल तथा मीडिया में सामने आई विभिन्न रिपोर्टों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो गई है। सिंहदेव ने कहा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था तो शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए और केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई क्यों की जा रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के गठन और प्रशासनिक व्यवस्था में केंद्र सरकार की भूमिका रही है, इसलिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस की ओर से उन्होंने इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने, कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने तथा मंदिर निर्माण, चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और विभिन्न आयोजनों के खर्च का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेता द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देशवासियों की आस्था के प्रतीक हैं। यदि चंदे और चढ़ावे में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो दोषियों को कानून के दायरे में लाकर निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रेस वार्ता के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, हेमंत सिंहा,अनूप मेहता, आशीष जायसवाल सहित अन्य मौजूद थे।