मुख्यमंत्री से सेमी गवर्मेंट एम्प्लाइज फेडरेशन की मांग:आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए चयन आयोग का करें गठन
मुख्यमंत्री से सेमी गवर्मेंट एम्प्लाइज फेडरेशन की मांग:आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए चयन आयोग का करें गठन
राज्य सरकार ने 2 लाख 50 हजार रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का शेड्यूल जारी किया है। इसमें चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों और वाहन चालकों के रिक्त पदों के विरुद्ध आउटसोर्स कर्मचारी रखने को कहा गया है। सेमी गवर्मेंट एम्प्लाइज फेडरेशन ने आउटसोर्स कर्मचारियों के चयन के लिए चयन आयोग का गठन करने की मांग की है। फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल बाजपेई और निगम-मंडल के वरिष्ठ नेता अरुण वर्मा ने चतुर्थ श्रेणी के पद आउटसोर्स से भरने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अभी तक निजी कंपनियों से अनुबंध कर विभिन्न कार्यालयों में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। ये कंपनियां कर्मचारियों का शोषण कर रही हैं। उन्हें कम वेतन दिया जाता है। जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण मुश्किल होता है। कंपनियां कर्मचारियों के चयन में भी मनमानी करती हैं। बाजपेई और वर्मा ने कहा कि जब सरकार बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी रखना ही चाहती है तो उनके चयन के लिए एक चयन आयोग भी बना देना चाहिए। ऐसा करने से चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी, जिससे बेरोजगारों को अधिक अवसर मिलेंगे। वहीं चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा तो आरक्षण के नियमों का पालन भी करेगा। नेताद्वय ने मुख्यमंत्री से आयोग का गठन कर नियुक्ति करने का अनुरोध किया है।
राज्य सरकार ने 2 लाख 50 हजार रिक्त पदों पर सीधी भर्ती का शेड्यूल जारी किया है। इसमें चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों और वाहन चालकों के रिक्त पदों के विरुद्ध आउटसोर्स कर्मचारी रखने को कहा गया है। सेमी गवर्मेंट एम्प्लाइज फेडरेशन ने आउटसोर्स कर्मचारियों के चयन के लिए चयन आयोग का गठन करने की मांग की है। फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल बाजपेई और निगम-मंडल के वरिष्ठ नेता अरुण वर्मा ने चतुर्थ श्रेणी के पद आउटसोर्स से भरने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अभी तक निजी कंपनियों से अनुबंध कर विभिन्न कार्यालयों में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। ये कंपनियां कर्मचारियों का शोषण कर रही हैं। उन्हें कम वेतन दिया जाता है। जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण मुश्किल होता है। कंपनियां कर्मचारियों के चयन में भी मनमानी करती हैं। बाजपेई और वर्मा ने कहा कि जब सरकार बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारी रखना ही चाहती है तो उनके चयन के लिए एक चयन आयोग भी बना देना चाहिए। ऐसा करने से चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी, जिससे बेरोजगारों को अधिक अवसर मिलेंगे। वहीं चयन आयोग भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा तो आरक्षण के नियमों का पालन भी करेगा। नेताद्वय ने मुख्यमंत्री से आयोग का गठन कर नियुक्ति करने का अनुरोध किया है।