धनतेरस पर फूल मंडी में फूलों के दाम गिरे:गेंदा 20 से 60 रूपए, सेवंती 100 रूपए तो गुलाब 200 रूपए किलो बिका
धनतेरस पर फूल मंडी में फूलों के दाम गिरे:गेंदा 20 से 60 रूपए, सेवंती 100 रूपए तो गुलाब 200 रूपए किलो बिका
सनातन धर्म में दीपावली पर लक्ष्मी पूजन से लेकर घर और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए गुलाब, गेंदा के फूलों की खासी मांग रहती है। फूलों की मांग धनतेरस से ही बढ़ जाती है। इस बार मंगलवार को धनतेरस पर्व पर थोक फूल मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से फूलों की आवक तो ज्यादा रही, लेकिन दाम कम होने से किसानों को ज्यादा फायदा नही हुआ। मंडी में देशी गुलाब 200 रूपए किलो तो विभिन्न किस्म का गेंदा फूल 20 से लेकर 60 रूपए तक बिका। ऐसी स्थिति में अब दीपावली पर्व पर भी ज्यादा भाव नही रहने की उम्मीद व्यापारी जता रहे है। फूलों की ज्यादा आवक, लेकिन दाम नहीं दीपावली के पहले मंगलवार को धनतेरस पर्व पर उज्जैन की श्री महाकालेश्वर थोक फूल मंडी दूध तलाई में जिले से लगे ग्रामीण क्षेत्रों से फूलों की अधिक आवक होने के बाद भी फूलों के दाम तेजी नही दिखी। दीपावली पर ही सबसे ज्यादा फूलों की मांग रहती है। सुबह मंडी में अच्छे किस्म के फूलों के भाव भी कम होने से किसानों के चेहरे मायूस हो गए। मंडी के फूल व्यवसायी सुनील पुष्पद ने बताया कि इस बार धनतेरस पर ज्यादा फूल आने के बाद भी शहर में ज्यादा उठाव नही होने से भाव कम रहे। किसान अभी सोयाबीन में लगा है। बाजार का माहौल ठंडा होने से आस-पास के क्षेत्रों में जिन किसानों ने फूल लगाए है, वे दाम कम होने से नाखुश है। हालांकि फूल व्यापारी उज्जैन मंडी से फूल लेकर अन्य राज्यों में भी सप्लाई करते है। दीपावली पर भी रह सकते है कम भाव धनतेरस की स्थिति को देखते हुए दीपावली पर भी भाव कम रहने की उम्मीद व्यापारी जता रहे है। वहीं मंडी से फूल उठाकर शहर में कई जगह खुले फूल और फूलों से बनी लढ़ियों की माला की बिक्री भी होती है। खेरची भाव में फूलों के दाम अलग-अलग रहते है। त्यौहार पर गेंदा का भाव मांग के अनुसार घट और बढ़ जाता है। पुष्पमाला तैयार करने के बाद माला के भाव 30 रूपए से शुरू होकर 150 रूपए तक है। मंडी में गेंदे में लेमन गेंदा, केसरिया गेंदा, कलकत्ता गेंदा, सेवंती, गुलाब में डिवाइन गुलाब, देशी गुलाब किसान लेकर आए है। धनतेरस पर थोक मंडी में फूलों के यह दाम रहे-
सनातन धर्म में दीपावली पर लक्ष्मी पूजन से लेकर घर और प्रतिष्ठानों को सजाने के लिए गुलाब, गेंदा के फूलों की खासी मांग रहती है। फूलों की मांग धनतेरस से ही बढ़ जाती है। इस बार मंगलवार को धनतेरस पर्व पर थोक फूल मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से फूलों की आवक तो ज्यादा रही, लेकिन दाम कम होने से किसानों को ज्यादा फायदा नही हुआ। मंडी में देशी गुलाब 200 रूपए किलो तो विभिन्न किस्म का गेंदा फूल 20 से लेकर 60 रूपए तक बिका। ऐसी स्थिति में अब दीपावली पर्व पर भी ज्यादा भाव नही रहने की उम्मीद व्यापारी जता रहे है। फूलों की ज्यादा आवक, लेकिन दाम नहीं दीपावली के पहले मंगलवार को धनतेरस पर्व पर उज्जैन की श्री महाकालेश्वर थोक फूल मंडी दूध तलाई में जिले से लगे ग्रामीण क्षेत्रों से फूलों की अधिक आवक होने के बाद भी फूलों के दाम तेजी नही दिखी। दीपावली पर ही सबसे ज्यादा फूलों की मांग रहती है। सुबह मंडी में अच्छे किस्म के फूलों के भाव भी कम होने से किसानों के चेहरे मायूस हो गए। मंडी के फूल व्यवसायी सुनील पुष्पद ने बताया कि इस बार धनतेरस पर ज्यादा फूल आने के बाद भी शहर में ज्यादा उठाव नही होने से भाव कम रहे। किसान अभी सोयाबीन में लगा है। बाजार का माहौल ठंडा होने से आस-पास के क्षेत्रों में जिन किसानों ने फूल लगाए है, वे दाम कम होने से नाखुश है। हालांकि फूल व्यापारी उज्जैन मंडी से फूल लेकर अन्य राज्यों में भी सप्लाई करते है। दीपावली पर भी रह सकते है कम भाव धनतेरस की स्थिति को देखते हुए दीपावली पर भी भाव कम रहने की उम्मीद व्यापारी जता रहे है। वहीं मंडी से फूल उठाकर शहर में कई जगह खुले फूल और फूलों से बनी लढ़ियों की माला की बिक्री भी होती है। खेरची भाव में फूलों के दाम अलग-अलग रहते है। त्यौहार पर गेंदा का भाव मांग के अनुसार घट और बढ़ जाता है। पुष्पमाला तैयार करने के बाद माला के भाव 30 रूपए से शुरू होकर 150 रूपए तक है। मंडी में गेंदे में लेमन गेंदा, केसरिया गेंदा, कलकत्ता गेंदा, सेवंती, गुलाब में डिवाइन गुलाब, देशी गुलाब किसान लेकर आए है। धनतेरस पर थोक मंडी में फूलों के यह दाम रहे-