बाल विवाह रोकने प्रशासन ने बनाया फ्लाइंग स्कॉड:देव उठनी ग्यारस को लेकर प्रशासन ने किया टीम का गठन, बाल विवाह पर रहेगी नजर
बाल विवाह रोकने प्रशासन ने बनाया फ्लाइंग स्कॉड:देव उठनी ग्यारस को लेकर प्रशासन ने किया टीम का गठन, बाल विवाह पर रहेगी नजर
देवउठनी एकादशी के बाद से विवाह शुरू हो जाएंगे। बाल विवाह ना हो इसे लेकर एक विशेष टीम गठित की गई है जो लगातार विभिन्न ब्लॉक्स में नजर रखेगी। खासकर ग्यारस के बाद होने वाली शादियों में बाल विवाह न हो इसके लिए उड़नदस्ते का गठन किया जाएगा। प्रशासन द्वारा ब्लॉक स्तर पर एक-एक उड़न दस्ते गठित किए हैं। उड़न दस्ता अपने क्षेत्र में हो रहे सामूहिक विवाह, विवाह स्थलों का भ्रमण करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई बाल विवाह तो सम्पन्न नहीं किया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत होगी कार्रवाई
भ्रमण के दौरान बाल विवाह की सूचना अथवा बाल विवाह होता पाए जाने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष विवाह मुहूर्त के पूर्व कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। कंट्रोल रूम का गठन होगा
कंट्रोल रूम में उपयोग में लाए जा रहे दूरभाष नंबर का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, वॉट्सऐप ग्रुप, दीवार लेखन, आदि के माध्यम से किया जाएगा। कंट्रोल रूम में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित क्षेत्र के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को सूचित करेंगे। बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम व वार्ड में बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने सूचना तंत्र का गठन किया जाएगा। सूचना तंत्र रखेगा सारी जानकारी
सूचना तंत्र में शिक्षक, ए.एन. एम, आशा कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह की सदस्य, शौर्यादल की अध्यक्ष, समन्वय, सदस्य, आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिका, मातृ सहयोगिनी समिति, सरपंच, पंच, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम व वार्ड के सक्रिय नागरिक आदि हो सकते हैं। सूचना तंत्र ग्राम व वार्ड में हो रहे विवाहों की जानकारी रखेंगे।
देवउठनी एकादशी के बाद से विवाह शुरू हो जाएंगे। बाल विवाह ना हो इसे लेकर एक विशेष टीम गठित की गई है जो लगातार विभिन्न ब्लॉक्स में नजर रखेगी। खासकर ग्यारस के बाद होने वाली शादियों में बाल विवाह न हो इसके लिए उड़नदस्ते का गठन किया जाएगा। प्रशासन द्वारा ब्लॉक स्तर पर एक-एक उड़न दस्ते गठित किए हैं। उड़न दस्ता अपने क्षेत्र में हो रहे सामूहिक विवाह, विवाह स्थलों का भ्रमण करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई बाल विवाह तो सम्पन्न नहीं किया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत होगी कार्रवाई
भ्रमण के दौरान बाल विवाह की सूचना अथवा बाल विवाह होता पाए जाने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला एवं ब्लॉक स्तर पर विशेष विवाह मुहूर्त के पूर्व कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। कंट्रोल रूम का गठन होगा
कंट्रोल रूम में उपयोग में लाए जा रहे दूरभाष नंबर का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, वॉट्सऐप ग्रुप, दीवार लेखन, आदि के माध्यम से किया जाएगा। कंट्रोल रूम में बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल संबंधित क्षेत्र के बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को सूचित करेंगे। बाल विवाह रोकने के लिए प्रत्येक ग्राम व वार्ड में बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने सूचना तंत्र का गठन किया जाएगा। सूचना तंत्र रखेगा सारी जानकारी
सूचना तंत्र में शिक्षक, ए.एन. एम, आशा कार्यकर्ता, स्व-सहायता समूह की सदस्य, शौर्यादल की अध्यक्ष, समन्वय, सदस्य, आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिका, मातृ सहयोगिनी समिति, सरपंच, पंच, ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम व वार्ड के सक्रिय नागरिक आदि हो सकते हैं। सूचना तंत्र ग्राम व वार्ड में हो रहे विवाहों की जानकारी रखेंगे।