बुधनी विस में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का दौरा:प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा आज; 18 साल बाद किसी के लिए वोट मांगने आएंगे शिवराज

सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग 13 नवंबर को होगी। जिसके लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों जोर-शोर से लगी हुई है। कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल और कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इसे लेकर मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस के बड़े दिग्गज नेता प्रवास पर रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह, कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अरूण यादव और मप्र शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा संयुक्त रूप से रेहटी और भेरूंदा में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के नेतृत्व में जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के रेहटी में आमसभा होगी। इसके बाद भैरूंदा में आमसभा होगी। इधर भाजपा का गढ़ बन चुकी बुधनी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साख भी दांव पर लगी है। जिसे बचाने और रमाकांत भार्गव को विजयी बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान, उनके बेटे कार्तिकेय और पूरी भाजपा लगी हुई है। 18 साल बाद दूसरे के लिए वोट मांगने आएंगे शिवराज बुधनी विधानसभा क्षेत्र में 2006 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा मौका पहली बार देखने को मिलेगा, जब शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए नजर आएंगे। दरअसल, इस बार बुधनी उप चुनाव में उनके स्थान पर रमाकांत भार्गव को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है, वह शिवराज के खास माने जाते हैं। जानकारी के मुताबिक शिवराज 7 नवंबर को पिपलानी, छिदगांव काछी व रेहटी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ ही मतदाताओं से रुबरू होंगे। 2006 से लेकर 2023 तक हुए सभी चुनाव में शिवराज सिंह भाजपा की ओर से प्रत्याशी रहे हैं। 2006 में हुए उपचुनाव के दौरान उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा करते हुए वोट मांगे गए थे, लेकिन उसके बाद हुए चुनावों में वह अपने लिए कभी भी बुधनी की जनता के पास वोट मांगने नहीं आए थे। लेकिन 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में शिवराज सिंह भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने जाएंगे। झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बावजूद भी उन्हें अपना समय देना पड़ रहा है।

बुधनी विस में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का दौरा:प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा आज; 18 साल बाद किसी के लिए वोट मांगने आएंगे शिवराज
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा उपचुनाव की वोटिंग 13 नवंबर को होगी। जिसके लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों जोर-शोर से लगी हुई है। कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल और कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। इसे लेकर मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस के बड़े दिग्गज नेता प्रवास पर रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव मप्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह, कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अरूण यादव और मप्र शासन के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा संयुक्त रूप से रेहटी और भेरूंदा में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल के नेतृत्व में जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के रेहटी में आमसभा होगी। इसके बाद भैरूंदा में आमसभा होगी। इधर भाजपा का गढ़ बन चुकी बुधनी में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान साख भी दांव पर लगी है। जिसे बचाने और रमाकांत भार्गव को विजयी बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान, उनके बेटे कार्तिकेय और पूरी भाजपा लगी हुई है। 18 साल बाद दूसरे के लिए वोट मांगने आएंगे शिवराज बुधनी विधानसभा क्षेत्र में 2006 के विधानसभा चुनाव के बाद ऐसा मौका पहली बार देखने को मिलेगा, जब शिवराज सिंह चौहान भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगते हुए नजर आएंगे। दरअसल, इस बार बुधनी उप चुनाव में उनके स्थान पर रमाकांत भार्गव को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है, वह शिवराज के खास माने जाते हैं। जानकारी के मुताबिक शिवराज 7 नवंबर को पिपलानी, छिदगांव काछी व रेहटी में चुनावी सभाओं को संबोधित करने के साथ ही मतदाताओं से रुबरू होंगे। 2006 से लेकर 2023 तक हुए सभी चुनाव में शिवराज सिंह भाजपा की ओर से प्रत्याशी रहे हैं। 2006 में हुए उपचुनाव के दौरान उनके द्वारा विधानसभा क्षेत्र में पदयात्रा करते हुए वोट मांगे गए थे, लेकिन उसके बाद हुए चुनावों में वह अपने लिए कभी भी बुधनी की जनता के पास वोट मांगने नहीं आए थे। लेकिन 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में शिवराज सिंह भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांगने जाएंगे। झारखंड में हो रहे विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बावजूद भी उन्हें अपना समय देना पड़ रहा है।