प्रधानमंत्री मोदी से मिले श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रमुख:आधे घंटे तक बातचीत की, नवंबर में सांची मेले में आने का न्योता भी दिया
प्रधानमंत्री मोदी से मिले श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रमुख:आधे घंटे तक बातचीत की, नवंबर में सांची मेले में आने का न्योता भी दिया
श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रमुख और लंकाजी टेंपल जापान के संघ नायक वानगल उपतिस्स नायक थेरो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। उन्होंने सारिपुत्र और महामोग्गलान के अस्थि कलश थाईलैंड आयोजन उपरांत भारत आने एवं सांची तक सफल कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री थेरो ने नवंबर माह में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में आने के लिए प्रधानमंत्री को निमंत्रण भी दिया। इस दौरान श्री थेरो की करीब आधे घंटे तक प्रधानमंत्री से कई विषयों पर बातचीत हुई। श्री थेरो ने प्रधानमंत्री को विश्व का नेता बताते हुए कहा कि आप शांति के संदेश के साथ पूरे विश्व में लोकप्रिय हैं। प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु, बौद्ध धर्म के पुनरुद्धारकर्ता एवं लेखक स्व अनागरिक धर्मपाल का पासपोर्ट भी इस दौरान श्री थेरो ने प्रधानमंत्री को दिखाया। श्री थेरो द्वारा सांची के निमंत्रण दिए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सांची आने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि श्री थेरो की स्कूली शिक्षा सांची में हुई है और वे श्रीलंका महाबोधि सोसायटी सांची के प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में महाबोधि सोसाइटी ने विश्व में ख्याति पाई है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद लेखक शकील सिद्दीकी ने स्वयं द्वारा श्री थेरो पर लिखी बायो ग्राफी भेंट की।
श्रीलंका महाबोधि सोसायटी के प्रमुख और लंकाजी टेंपल जापान के संघ नायक वानगल उपतिस्स नायक थेरो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। उन्होंने सारिपुत्र और महामोग्गलान के अस्थि कलश थाईलैंड आयोजन उपरांत भारत आने एवं सांची तक सफल कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री थेरो ने नवंबर माह में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में आने के लिए प्रधानमंत्री को निमंत्रण भी दिया। इस दौरान श्री थेरो की करीब आधे घंटे तक प्रधानमंत्री से कई विषयों पर बातचीत हुई। श्री थेरो ने प्रधानमंत्री को विश्व का नेता बताते हुए कहा कि आप शांति के संदेश के साथ पूरे विश्व में लोकप्रिय हैं। प्रसिद्ध बौद्ध भिक्षु, बौद्ध धर्म के पुनरुद्धारकर्ता एवं लेखक स्व अनागरिक धर्मपाल का पासपोर्ट भी इस दौरान श्री थेरो ने प्रधानमंत्री को दिखाया। श्री थेरो द्वारा सांची के निमंत्रण दिए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सांची आने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि श्री थेरो की स्कूली शिक्षा सांची में हुई है और वे श्रीलंका महाबोधि सोसायटी सांची के प्रमुख हैं। उनके नेतृत्व में महाबोधि सोसाइटी ने विश्व में ख्याति पाई है। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद लेखक शकील सिद्दीकी ने स्वयं द्वारा श्री थेरो पर लिखी बायो ग्राफी भेंट की।