ऑटो यूनियन की ईमानदारी, खोई वस्तु वापस लौटाने बनाया व्हाट्सएप-ग्रुप:1500 से ज्यादा सवारियों का ऑटो में छूटे जेवर, लैपटॉप पैसे व कीमती सामान वापस किया

अशोकनगर में ऑटो यूनियन ने इमानदारी की मिशाल पेश की है। अब तक 1500 से ज्यादा सवारियों का ऑटो में छूटा सामान वापस किया है। इसके लिए यूनियन ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। ऑटो चालकों ने अब तक कई सवारियों के कीमती सामान जैसे जेवर, लैपटॉप, मोबाइल भी वापस किए हैं। शहर की सिंधिया ऑटो यूनियन के उपाध्यक्ष रवि लोधी बताते हैं कि तीन वर्ष पहले कार्यकारिणी गठित होने के बाद सवारियों का खोया हुआ सामान वापिस लौटाने के उद्देश्य से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। जिसमें 700 से अधिक ऑटो चालक सदस्य हैं। जिस ऑटो में सामान रह जाता है, उसका चालक सामान का फोटो खींचकर ग्रुप में भेजता है। एक फोटो सामान वापिस करने के समय भी भेजा जाता है। अब तक जो भी सामान ऑटो में छूटा, सभी को वापिस कर दिया गया है। ऑटो की जानकारी रखने के लिए यूनियन द्वारा रजिस्टर भी संधारित किया गया है। जिसमें ऑटो का नंबर, चालक का नाम और मोबाईल नंबर दर्ज करने के बाद उसके एक यूनिक आईडी ‘एटीपी’ जारी की जाती है। महीने में 50 का औसत बताया गया है कि यूनियन द्वारा अब तक 1500 से अधिक सवारियों को सामान लौटाया गया है। लोग अक्सर ऑटो में सामान को छोड़ देते हैं। ऐसे में एक माह में औसतन 50 केस सामान के ऑटो में छूटने के आ रहे हैं। ऑटो चालकों सवारी के उतरते समय एक बाद खुद भी ऑटो चेक करते हैं, अधिकांशतः सामान तो तभी दे दिया जाता है।

ऑटो यूनियन की ईमानदारी, खोई वस्तु वापस लौटाने बनाया व्हाट्सएप-ग्रुप:1500 से ज्यादा सवारियों का ऑटो में छूटे जेवर, लैपटॉप पैसे व कीमती सामान वापस किया
अशोकनगर में ऑटो यूनियन ने इमानदारी की मिशाल पेश की है। अब तक 1500 से ज्यादा सवारियों का ऑटो में छूटा सामान वापस किया है। इसके लिए यूनियन ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। ऑटो चालकों ने अब तक कई सवारियों के कीमती सामान जैसे जेवर, लैपटॉप, मोबाइल भी वापस किए हैं। शहर की सिंधिया ऑटो यूनियन के उपाध्यक्ष रवि लोधी बताते हैं कि तीन वर्ष पहले कार्यकारिणी गठित होने के बाद सवारियों का खोया हुआ सामान वापिस लौटाने के उद्देश्य से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। जिसमें 700 से अधिक ऑटो चालक सदस्य हैं। जिस ऑटो में सामान रह जाता है, उसका चालक सामान का फोटो खींचकर ग्रुप में भेजता है। एक फोटो सामान वापिस करने के समय भी भेजा जाता है। अब तक जो भी सामान ऑटो में छूटा, सभी को वापिस कर दिया गया है। ऑटो की जानकारी रखने के लिए यूनियन द्वारा रजिस्टर भी संधारित किया गया है। जिसमें ऑटो का नंबर, चालक का नाम और मोबाईल नंबर दर्ज करने के बाद उसके एक यूनिक आईडी ‘एटीपी’ जारी की जाती है। महीने में 50 का औसत बताया गया है कि यूनियन द्वारा अब तक 1500 से अधिक सवारियों को सामान लौटाया गया है। लोग अक्सर ऑटो में सामान को छोड़ देते हैं। ऐसे में एक माह में औसतन 50 केस सामान के ऑटो में छूटने के आ रहे हैं। ऑटो चालकों सवारी के उतरते समय एक बाद खुद भी ऑटो चेक करते हैं, अधिकांशतः सामान तो तभी दे दिया जाता है।