विवेकानंद जयंती पर मंडीदीप में निकली मशाल रैली:108 कन्याओं ने थामी मशालें, 600 युवाओं ने दी भागीदारी; गायत्री महायज्ञ की तैयारियां शुरू
विवेकानंद जयंती पर मंडीदीप में निकली मशाल रैली:108 कन्याओं ने थामी मशालें, 600 युवाओं ने दी भागीदारी; गायत्री महायज्ञ की तैयारियां शुरू
मंडीदीप में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद की जयंती पर अखिल विश्व गायत्री परिवार ने मशाल रैली का आयोजन किया। रैली का मुख्य आकर्षण खंडवा से आईं 108 कन्याएं थीं, जिन्होंने हाथों में मशालें थामीं और गायत्री परिवार के सद्विचारों की तख्तियां लेकर मार्च किया। रैली खेल मैदान मंडीदीप से शुरू होकर मंगलवारा मार्केट होते हुए 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ कार्यालय मेन रोड पर समाप्त हुई। कार्यक्रम में शांति कुंज हरिद्वार के युवा राष्ट्रीय प्रभारी केदार प्रसाद दुबे ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्णिमा पवार ने युवा बहनों को विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विपिन भार्गव, आर के गुप्ता, आरपी हजारी, नीलिमा दुबे, धीरज मनी, अमर धाकड़ और रायसेन जिले की प्रभारी बबली धाकड़ सहित लगभग 600 युवा-युवतियों और गायत्री परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रकोष्ठ के दयानंद सम्मेलन ने किया और आभार रमेश नागर ने व्यक्त किया। इसी अवसर पर यज्ञ स्थल पर शांतिकुंज प्रतिनिधि केदार प्रसाद दुबे ने गुरुदेव के जीवन दर्शन की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। यह आयोजन आगामी 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की जल कलश यात्रा की पूर्व तैयारी का हिस्सा था।
मंडीदीप में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद की जयंती पर अखिल विश्व गायत्री परिवार ने मशाल रैली का आयोजन किया। रैली का मुख्य आकर्षण खंडवा से आईं 108 कन्याएं थीं, जिन्होंने हाथों में मशालें थामीं और गायत्री परिवार के सद्विचारों की तख्तियां लेकर मार्च किया। रैली खेल मैदान मंडीदीप से शुरू होकर मंगलवारा मार्केट होते हुए 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ कार्यालय मेन रोड पर समाप्त हुई। कार्यक्रम में शांति कुंज हरिद्वार के युवा राष्ट्रीय प्रभारी केदार प्रसाद दुबे ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। पूर्णिमा पवार ने युवा बहनों को विवेकानंद जी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विपिन भार्गव, आर के गुप्ता, आरपी हजारी, नीलिमा दुबे, धीरज मनी, अमर धाकड़ और रायसेन जिले की प्रभारी बबली धाकड़ सहित लगभग 600 युवा-युवतियों और गायत्री परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रकोष्ठ के दयानंद सम्मेलन ने किया और आभार रमेश नागर ने व्यक्त किया। इसी अवसर पर यज्ञ स्थल पर शांतिकुंज प्रतिनिधि केदार प्रसाद दुबे ने गुरुदेव के जीवन दर्शन की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। यह आयोजन आगामी 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ की जल कलश यात्रा की पूर्व तैयारी का हिस्सा था।