भोपाल में 16 साल से बंधक महिला की मौत:पुलिस ने 9 दिन पहले पिता की शिकायत पर ससुराल से किया था रेस्क्यू, रस्सी से बंधी मिली थी

राजधानी भोपाल के बरखेड़ी इलाके से 9 दिन पहले रेस्क्यू की गई महिला रानू साहू की मंगलवार सुबह तीन बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला के पिता नरसिंहपुर निवासी किशन लाल साहू ने महिला थाना आकर आवेदन दिया था ।पिता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने जहांगीराबाद पुलिस के साथ मिलकर महिला को उसके ससुराल से रेस्क्यू किया था। पुलिस ने महिला के पति पर मामला दर्ज किया था। पीड़िता को रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के परिजन ने पति-ससुर और ससुराल के अन्य लोगों पर बेटी को बंधक बना कर रखने और भोजन-पानी नहीं देने का आरोप लगाया था। वहीं पीड़िता के ससुर और पति ने उसके मानसिक रूप से बीमार होने की बात कही थी। महिला का पीएम आज होगा। परिवार के लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी बंधी मिली। महिला चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बना चुकी थी और उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। इस मामले के सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने महिला के पति-ससुर और पिता-भाई से बात की थी... 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया दरअसल, महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर बोले थे- पुलिस आई तब पता चला कि हमने बंधक बना रखा है पीड़ित महिला के ससुराल पहुंचा। यहां बातचीत में पति और ससुर ने पीड़िता को मानसिक रोगी बताते हुए उसका इलाज चलने की बात कही है। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पीड़िता के पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मुलाकात क्यों करने देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता रानू साहू के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। दो दिन पहले बहन उससे मिलने गई। हमें किसी ने सूचना दी थी की रानू को बंधक बनाकर रखा गया है। इसी सूचना के बाद बहन को भेजा था। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब है। वजन मात्र 35 किलो बचा है। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई है। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

भोपाल में 16 साल से बंधक महिला की मौत:पुलिस ने 9 दिन पहले पिता की शिकायत पर ससुराल से किया था रेस्क्यू, रस्सी से बंधी मिली थी
राजधानी भोपाल के बरखेड़ी इलाके से 9 दिन पहले रेस्क्यू की गई महिला रानू साहू की मंगलवार सुबह तीन बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला के पिता नरसिंहपुर निवासी किशन लाल साहू ने महिला थाना आकर आवेदन दिया था ।पिता की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने जहांगीराबाद पुलिस के साथ मिलकर महिला को उसके ससुराल से रेस्क्यू किया था। पुलिस ने महिला के पति पर मामला दर्ज किया था। पीड़िता को रेस्क्यू के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के परिजन ने पति-ससुर और ससुराल के अन्य लोगों पर बेटी को बंधक बना कर रखने और भोजन-पानी नहीं देने का आरोप लगाया था। वहीं पीड़िता के ससुर और पति ने उसके मानसिक रूप से बीमार होने की बात कही थी। महिला का पीएम आज होगा। परिवार के लोग भी भोपाल में ही मौजूद हैं। 40 साल की उम्र में 25 किलो रह गया था वजन जानकारी के अनुसार एनजीओ, पीड़िता के परिजन, महिला थाना और जहांगीराबाद थाने की टीम जब मौके पर पहुंची तो पीड़िता कमरे में रस्सी बंधी मिली। महिला चल भी नहीं पा रही थी। उसे गोद में उठाकर बाहर लाना पड़ा था। करीब 40 साल की पीड़िता हड्डी का ढांचा बना चुकी थी और उसका वजन सिर्फ 25 किलो रह गया था। इस मामले के सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने महिला के पति-ससुर और पिता-भाई से बात की थी... 2006 में हुई थी शादी, 2 साल बाद मिलना बंद कराया दरअसल, महिला थाने में नरसिंहपुर के किशन लाल साहू ने आवेदन दिया था। किशन लाल के अनुसार उनकी बेटी रानू साहू का विवाह 2006 में भोपाल निवासी योगेंद्र साहू से हुआ था। साल 2008 के बाद से बेटी के ससुराल वालों ने उससे मिलने नहीं दिया। बेटी के बच्चों को भी उससे दूर भेज दिया गया। ससुराल पक्ष के प्रताड़ित करने के बाद से बेटी की हालत खराब होने की जानकारी पड़ोसियों से मिली। किशन लाल ने पुलिस से बेटी रानू को रेस्क्यू कर इलाज कराने और ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया।इसके बाद महिला थाना पुलिस ने लोकल थाने की मदद से रानू को रेस्क्यू किया। पति-ससुर बोले थे- पुलिस आई तब पता चला कि हमने बंधक बना रखा है पीड़ित महिला के ससुराल पहुंचा। यहां बातचीत में पति और ससुर ने पीड़िता को मानसिक रोगी बताते हुए उसका इलाज चलने की बात कही है। हालांकि परिवार इलाज के पर्चे नहीं दिखा सका। पीड़िता के पति ने बंधक बनाकर रखने की बात से इनकार किया। उसने कहा- चार दिन पहले ही साले और रिश्ते की एक साली ने पत्नी से मुलाकात की थी। अगर बंधक बनाकर रखते तो उनसे मुलाकात क्यों करने देते। भाई ने कहा था- वीडियो पर बहन को देखा, तब आए पीड़िता रानू साहू के छोटे भाई शिव कुमार साहू ने बताया था कि बहन को ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। दो दिन पहले बहन उससे मिलने गई। हमें किसी ने सूचना दी थी की रानू को बंधक बनाकर रखा गया है। इसी सूचना के बाद बहन को भेजा था। उसने वीडियो बनाकर भेजा। तब बहन की हालत देखी और पुलिस को साथ लेकर गए। ससुराल से उसे मुक्त कराया। उसकी हालत बेहद खराब है। वजन मात्र 35 किलो बचा है। उसके साथ अत्याचार किया जा रहा था। इस कारण उसकी हालत ऐसी हुई है। ससुराल वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।