सीहोर में 14400 किसानों ने कराया पंजीयन:जिले में 3 लाख 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी, रकबा 16000 हेक्टेयर घटा

सीहोर कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की आवक हो रही है। किसान अभी खेतों में कटाई कार्य में व्यस्त हैं। सोयाबीन की अधिकांश फसल खेतों में है। शासन स्तर पर भी सोयाबीन उपार्जन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। किसान समर्थन मूल्य पर सोयाबीन उपज बेचने के लिए अपना पंजीयन करा रहे हैं। जिले में अभी तक कुल 14400 किसान पंजीयन करा चुके हैं। गौरतलब है कि खेतों में अभी पूरी तरह सोयाबीन का कटाई कार्य पूरा नहीं हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार 60 प्रतिशत फसल कट चुकी है। मंडियों में ज्यादा आवक नहीं पहुंच रही है। किसान समर्थन मूल्य खरीदी का इंतजार कर रहे हैं। जिसके कारण कई किसान मंडियों में उपज नहीं बेच रहे। बड़ी संख्या में पंजीयन हो रहे हैं, अभी तक 36 हजार हेक्टेयर रकबा के लिए 14 हजार 400 किसान पंजीयन करा चुके हैं। भैरुंदा क्षेत्र में रकबा घटा किसानों का कहना है कि कुछ वर्षो से सोयाबीन फसल में किसानों को नुकसान हुआ है, जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा उतना नहीं मिल पा रहा है। भैरुंदा क्षेत्र में सोयाबीन का रकबा घटा और मक्का का बढ़ा है। इस वर्ष जिले में 3 लाख 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है जबकि बीते साल 3 लाख 36 हजार हेक्टेयर रकबा था। जिले में सोयाबीन का रकबा 16000 हेक्टेयर घटा है। जरूरतमंद किसान पहुंच रहे मंडी सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4892 तय किया गया है। 25 सितंबर से पंजीयन कार्य शुरू हो गया है, आगामी 20 अक्टूबर तक पंजीयन होंगे। किसान केन्द्रों पंजीयन करा रहे हैं। जिले में 68 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं। लेकिन जरूरतमंद किसान मंडियों में उपज बेचने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है उन्हें अभी पैसों की जरूरत है देनदारियां, खाद और अन्य खर्च हैं। केके पांडे, उपसंचालक कृषि सीहोर ने कहा कि उपार्जन पॉलिसी बन चुकी है, भोपाल में संभागीय होना है। जिसके बाद वेयर हाउस चयन और लक्ष्य तय होना है। किसान पंजीयन करा रहे हैं।

सीहोर में 14400 किसानों ने कराया पंजीयन:जिले में 3 लाख 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी, रकबा 16000 हेक्टेयर घटा
सीहोर कृषि उपज मंडियों में सोयाबीन की आवक हो रही है। किसान अभी खेतों में कटाई कार्य में व्यस्त हैं। सोयाबीन की अधिकांश फसल खेतों में है। शासन स्तर पर भी सोयाबीन उपार्जन को लेकर तैयारियां चल रही हैं। किसान समर्थन मूल्य पर सोयाबीन उपज बेचने के लिए अपना पंजीयन करा रहे हैं। जिले में अभी तक कुल 14400 किसान पंजीयन करा चुके हैं। गौरतलब है कि खेतों में अभी पूरी तरह सोयाबीन का कटाई कार्य पूरा नहीं हुआ है। कृषि विभाग के अनुसार 60 प्रतिशत फसल कट चुकी है। मंडियों में ज्यादा आवक नहीं पहुंच रही है। किसान समर्थन मूल्य खरीदी का इंतजार कर रहे हैं। जिसके कारण कई किसान मंडियों में उपज नहीं बेच रहे। बड़ी संख्या में पंजीयन हो रहे हैं, अभी तक 36 हजार हेक्टेयर रकबा के लिए 14 हजार 400 किसान पंजीयन करा चुके हैं। भैरुंदा क्षेत्र में रकबा घटा किसानों का कहना है कि कुछ वर्षो से सोयाबीन फसल में किसानों को नुकसान हुआ है, जिसमें लागत ज्यादा और मुनाफा उतना नहीं मिल पा रहा है। भैरुंदा क्षेत्र में सोयाबीन का रकबा घटा और मक्का का बढ़ा है। इस वर्ष जिले में 3 लाख 20 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बोवनी हुई है जबकि बीते साल 3 लाख 36 हजार हेक्टेयर रकबा था। जिले में सोयाबीन का रकबा 16000 हेक्टेयर घटा है। जरूरतमंद किसान पहुंच रहे मंडी सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4892 तय किया गया है। 25 सितंबर से पंजीयन कार्य शुरू हो गया है, आगामी 20 अक्टूबर तक पंजीयन होंगे। किसान केन्द्रों पंजीयन करा रहे हैं। जिले में 68 पंजीयन केन्द्र बनाए गए हैं। लेकिन जरूरतमंद किसान मंडियों में उपज बेचने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है उन्हें अभी पैसों की जरूरत है देनदारियां, खाद और अन्य खर्च हैं। केके पांडे, उपसंचालक कृषि सीहोर ने कहा कि उपार्जन पॉलिसी बन चुकी है, भोपाल में संभागीय होना है। जिसके बाद वेयर हाउस चयन और लक्ष्य तय होना है। किसान पंजीयन करा रहे हैं।