स्कूलों में मिले अतिरिक्त शिक्षक:एसडीएम के निरीक्षण में खुलासा, बोले-कलेक्टर साहब को देंगे रिपोर्ट

डिंडौरी के कई शासकीय विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक पढ़ा रहे हैं, तो कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इसका खुलासा डिंडौरी एसडीएम राम बाबू देवांगन के निरीक्षण के दौरान हुआ। बुधवार को एसडीएम अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान पड़रिया प्राथमिक शाला में पहुंचे तो यहां पर जरूरत से ज्यादा शिक्षक मिले। अब एसडीएम इस मामले की रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजने की बात कह रहे हैं। 35 बच्चों में तीन नियमित और एक अतिथि शिक्षक एसडीएम राम बाबू देवांगन ने बताया कि पड़रिया प्राथमिक शाला में 35 बच्चे की संख्या दर्ज हैं। लेकिन यहां पर तीन नियमित शिक्षक समीक्षा कुशवाहा, जगत लाल वनवासी, शिवकुमार टेकाम, पदस्थ हैं और इन्होंने एक अतिथि शिक्षक धर्म राज सिंह मरावी को भर्ती कर रखा है, जो नियम विरुद्ध है। नियमों के अनुसार 40 बच्चों में दो शिक्षक ही पदस्थ किए जाने हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वीके चिचाम भी मौजूद रहे। शिक्षकों की लापरवाही एसडीएम ने बताया कि पहले पड़रिया मॉल और पड़रिया रैयत दो प्राथमिक शालाएं थी। बच्चों की दर्ज संख्या कम होने पर दोनों को एकीकृत कर दिया गया है। लेकिन शिक्षकों ने इसे विलोपित की कार्रवाई नहीं की। जिससे शिक्षकों की पदस्थापना दिख रही है। ये लापरवाही है, जबकि इनको समय पर ऐसा करना चाहिए था। 10 अक्टूबर को जिला पंचायत सीईओ ने की थी समीक्षा 10 अक्टूबर को जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षा विभाग की समीक्षा की थी। इस दौरान सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना समन्वयक राघवेंद्र मिश्रा ने 41 स्कूल शिक्षक विहीन और 442 एक शिक्षकीय स्कूलों की जानकारी दी थी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अनिल राठौर ने दस दिन के अंदर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर स्कूलों में शिक्षकों को भेजने के निर्देश दिए थे।

स्कूलों में मिले अतिरिक्त शिक्षक:एसडीएम के निरीक्षण में खुलासा, बोले-कलेक्टर साहब को देंगे रिपोर्ट
डिंडौरी के कई शासकीय विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक पढ़ा रहे हैं, तो कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। इसका खुलासा डिंडौरी एसडीएम राम बाबू देवांगन के निरीक्षण के दौरान हुआ। बुधवार को एसडीएम अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान पड़रिया प्राथमिक शाला में पहुंचे तो यहां पर जरूरत से ज्यादा शिक्षक मिले। अब एसडीएम इस मामले की रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजने की बात कह रहे हैं। 35 बच्चों में तीन नियमित और एक अतिथि शिक्षक एसडीएम राम बाबू देवांगन ने बताया कि पड़रिया प्राथमिक शाला में 35 बच्चे की संख्या दर्ज हैं। लेकिन यहां पर तीन नियमित शिक्षक समीक्षा कुशवाहा, जगत लाल वनवासी, शिवकुमार टेकाम, पदस्थ हैं और इन्होंने एक अतिथि शिक्षक धर्म राज सिंह मरावी को भर्ती कर रखा है, जो नियम विरुद्ध है। नियमों के अनुसार 40 बच्चों में दो शिक्षक ही पदस्थ किए जाने हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक शिक्षा अधिकारी वीके चिचाम भी मौजूद रहे। शिक्षकों की लापरवाही एसडीएम ने बताया कि पहले पड़रिया मॉल और पड़रिया रैयत दो प्राथमिक शालाएं थी। बच्चों की दर्ज संख्या कम होने पर दोनों को एकीकृत कर दिया गया है। लेकिन शिक्षकों ने इसे विलोपित की कार्रवाई नहीं की। जिससे शिक्षकों की पदस्थापना दिख रही है। ये लापरवाही है, जबकि इनको समय पर ऐसा करना चाहिए था। 10 अक्टूबर को जिला पंचायत सीईओ ने की थी समीक्षा 10 अक्टूबर को जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षा विभाग की समीक्षा की थी। इस दौरान सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना समन्वयक राघवेंद्र मिश्रा ने 41 स्कूल शिक्षक विहीन और 442 एक शिक्षकीय स्कूलों की जानकारी दी थी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अनिल राठौर ने दस दिन के अंदर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर स्कूलों में शिक्षकों को भेजने के निर्देश दिए थे।