रीवा में भूख हड़ताल पर पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी:बीमा राशि ना मिलने से नाराज; बोले-जारी रहेगा विरोध
रीवा में भूख हड़ताल पर पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी:बीमा राशि ना मिलने से नाराज; बोले-जारी रहेगा विरोध
रीवा के पूर्व मुख्य चिकित्सा और क्षेत्रीय संचालक आज से भूख हड़ताल पर हैं। दरअसल 10 माह पूर्व रिटायर हुए पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक की नाराजगी वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक से है। जहां डॉक्टर बीएल मिश्रा ने अधिकारी पर जानबूझकर बीमा राशि रोकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जो राशि रिटायरमेंट के बाद चार दिन से लेकर 1 माह के बीच मिल जानी चाहिए। वो अब तक नहीं मिल पाई है। इसलिए मैं मजबूर होकर मोर्चा खोल रहा हूं। ये बात उन्होंने एक वीडियो जारी कर रही। इसमें उन्होंने कहा कि 'मेरा नाम बीएल मिश्रा है। मैंने स्वास्थ्य विभाग में 1987 से लेकर 31 जनवरी तक अपनी सेवा दी है। मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक के पद से रिटायर हुआ हूं। शिक्षक,पटवारी,तहसीलदार,डिप्टी कलेक्टर जो भी अपने पदों से रिटायर होते हैं। उनके लिए पेंशन का प्रावधान रहता है। समय-समय में एरियस का भुगतान भी होता है। शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य के बिगड़ने पर सरकार उनकी फिक्र करती है। उन्हें बीमा क्लेम की राशि दी जाती है। लेकिन मुझे रिटायर हुए लगभग 10 माह का समय हो चुका है। क्षेत्रीय संचालक केएल नामदेव को मैंने कई बार फोन किया। कई बार लिखित में भी दिया। लेकिन उनके कान में जू नहीं रेग रही है। इसलिए मुझे मजबूर होकर उन्हें 48 घंटे का अल्टीमेटम देना पड़ा। मेरा जीआईएस बीमा का पैसा नहीं मिल पाई रहा,ये बड़े दुर्भाग्य की बात है। जबकि रिटायर हुए लगभग 5 हजार कर्मचारियों का पैसा सही समय पर मिल गया है। जब मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी था,तब मैंने रिटायर होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही सम्मानित करते हुए बीमा की राशि का भुगतान करवा दिया था। मुझे मजबूर होकर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। आज 24 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से मैं भूख हड़ताल पर बैठ रहा हूं। मेरी चेतावनी है कि अगर मुझे और आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान नहीं किया गया तो मैं अनवरत भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगा।'
रीवा के पूर्व मुख्य चिकित्सा और क्षेत्रीय संचालक आज से भूख हड़ताल पर हैं। दरअसल 10 माह पूर्व रिटायर हुए पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक की नाराजगी वर्तमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक से है। जहां डॉक्टर बीएल मिश्रा ने अधिकारी पर जानबूझकर बीमा राशि रोकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जो राशि रिटायरमेंट के बाद चार दिन से लेकर 1 माह के बीच मिल जानी चाहिए। वो अब तक नहीं मिल पाई है। इसलिए मैं मजबूर होकर मोर्चा खोल रहा हूं। ये बात उन्होंने एक वीडियो जारी कर रही। इसमें उन्होंने कहा कि 'मेरा नाम बीएल मिश्रा है। मैंने स्वास्थ्य विभाग में 1987 से लेकर 31 जनवरी तक अपनी सेवा दी है। मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय संचालक के पद से रिटायर हुआ हूं। शिक्षक,पटवारी,तहसीलदार,डिप्टी कलेक्टर जो भी अपने पदों से रिटायर होते हैं। उनके लिए पेंशन का प्रावधान रहता है। समय-समय में एरियस का भुगतान भी होता है। शासकीय कर्मचारियों के स्वास्थ्य के बिगड़ने पर सरकार उनकी फिक्र करती है। उन्हें बीमा क्लेम की राशि दी जाती है। लेकिन मुझे रिटायर हुए लगभग 10 माह का समय हो चुका है। क्षेत्रीय संचालक केएल नामदेव को मैंने कई बार फोन किया। कई बार लिखित में भी दिया। लेकिन उनके कान में जू नहीं रेग रही है। इसलिए मुझे मजबूर होकर उन्हें 48 घंटे का अल्टीमेटम देना पड़ा। मेरा जीआईएस बीमा का पैसा नहीं मिल पाई रहा,ये बड़े दुर्भाग्य की बात है। जबकि रिटायर हुए लगभग 5 हजार कर्मचारियों का पैसा सही समय पर मिल गया है। जब मैं मुख्य चिकित्सा अधिकारी था,तब मैंने रिटायर होने वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही सम्मानित करते हुए बीमा की राशि का भुगतान करवा दिया था। मुझे मजबूर होकर भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। आज 24 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से मैं भूख हड़ताल पर बैठ रहा हूं। मेरी चेतावनी है कि अगर मुझे और आशा कार्यकर्ताओं को समय पर भुगतान नहीं किया गया तो मैं अनवरत भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगा।'