बालाघाट में शरद पूर्णिमा के कार्यक्रमों की धूम:पूजन के साथ देवी मां के जागरण का हुआ आयोजन, देवी गीतो पर जमकर झूमे भक्त

अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई गई। इस अवसर पर नगरीय क्षेत्र में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। घरों में विधि-विधान से मां दुर्गा और भगवान विष्णु का पूजन किया गया। चंद्रमा के नीचे खीर रखकर, मध्यरात्रि के बाद सभी ने मिलकर खीर का प्रसाद ग्रहण किया। झांसी रानी चौक में देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन शरद पूर्णिमा के अवसर पर नगरीय क्षेत्र के झांसी रानी चौक में जन जागृति दुर्गोत्सव समिति ने जबलपुर के देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मां दुर्गा, भगवान श्रीराम और रामभक्त हनुमान के भक्तिगीतों की सुमधुर प्रस्तुति गायक कलाकारों ने दी। देवी भक्ति गीतों पर भक्तों ने मां के दरबार में झूम कर हाजिरी लगाई, जिससे बड़ी संख्या में शहर के लोग उपस्थित रहे। भगवान विष्णु की उपासना का महत्व शरद पूर्णिमा को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से जीवन में शुभ फल मिलता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही कार्यों में आने वाली रुकावटों से छुटकारा मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, जिसके कारण इसे अमृत काल के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए इस पर्व की रात को चंद्रमा के प्रकाश में खीर रखी जाती है और मध्यरात्रि के बाद इसे प्रसाद के रूप में सभी को बांटा जाता है। इन्हीं वजहों से शरद पूर्णिमा मनाई जाती है।

बालाघाट में शरद पूर्णिमा के कार्यक्रमों की धूम:पूजन के साथ देवी मां के जागरण का हुआ आयोजन, देवी गीतो पर जमकर झूमे भक्त
अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई गई। इस अवसर पर नगरीय क्षेत्र में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। घरों में विधि-विधान से मां दुर्गा और भगवान विष्णु का पूजन किया गया। चंद्रमा के नीचे खीर रखकर, मध्यरात्रि के बाद सभी ने मिलकर खीर का प्रसाद ग्रहण किया। झांसी रानी चौक में देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन शरद पूर्णिमा के अवसर पर नगरीय क्षेत्र के झांसी रानी चौक में जन जागृति दुर्गोत्सव समिति ने जबलपुर के देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मां दुर्गा, भगवान श्रीराम और रामभक्त हनुमान के भक्तिगीतों की सुमधुर प्रस्तुति गायक कलाकारों ने दी। देवी भक्ति गीतों पर भक्तों ने मां के दरबार में झूम कर हाजिरी लगाई, जिससे बड़ी संख्या में शहर के लोग उपस्थित रहे। भगवान विष्णु की उपासना का महत्व शरद पूर्णिमा को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की उपासना करने से जीवन में शुभ फल मिलता है और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही कार्यों में आने वाली रुकावटों से छुटकारा मिलता है। ऐसा भी माना जाता है कि शरद पूर्णिमा को चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है, जिसके कारण इसे अमृत काल के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए इस पर्व की रात को चंद्रमा के प्रकाश में खीर रखी जाती है और मध्यरात्रि के बाद इसे प्रसाद के रूप में सभी को बांटा जाता है। इन्हीं वजहों से शरद पूर्णिमा मनाई जाती है।