प्रदेश के साढ़े 10 हजार स्कूल बंद, 45 हजार शिक्षकों के पद खत्म, यह शिक्षा विरोधी कदम-यदु

छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 8 जून। कांग्रेस के जिला प्रभारी एवं सहायक महामंत्री दिनेश यदु ने कहा कि विष्णुदेव सरकार नए सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती कर शिक्षक के हजारों पद खत्म करना चाहती है। शिक्षकों की नई भर्तियां न करना पड़े, इसलिए युक्तियुक्तकरण कर रही है। युक्तियुक्तकरण रोजगार और शिक्षा विरोधी कदम है। इस कदम का हम विरोध करते हैं और इसके खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ी जाएगी। श्री यदु कल दोपहर कांग्रेस भवन का में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित के कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के कारण प्रदेश में 45 को हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे। कुल 10463 स्कूल बंद कर दिए हैं। इससे पहले भी रमन सरकार ने 3300 से अधिक स्कूल बंद और 12 हजार शिक्षकों के पद समाप्त किये गये थे। यह सरकार शिक्षा विरोधी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन.तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार.चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं। वर्तमान में तीन शिक्षकों को 40 मिनट की 6.6 कक्षाएं लेनी पड़ेगी।

प्रदेश के साढ़े 10 हजार स्कूल बंद, 45 हजार शिक्षकों के पद खत्म, यह शिक्षा विरोधी कदम-यदु
छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद, 8 जून। कांग्रेस के जिला प्रभारी एवं सहायक महामंत्री दिनेश यदु ने कहा कि विष्णुदेव सरकार नए सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती कर शिक्षक के हजारों पद खत्म करना चाहती है। शिक्षकों की नई भर्तियां न करना पड़े, इसलिए युक्तियुक्तकरण कर रही है। युक्तियुक्तकरण रोजगार और शिक्षा विरोधी कदम है। इस कदम का हम विरोध करते हैं और इसके खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ी जाएगी। श्री यदु कल दोपहर कांग्रेस भवन का में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित के कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि युक्तियुक्तकरण के कारण प्रदेश में 45 को हजार से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जाएंगे। कुल 10463 स्कूल बंद कर दिए हैं। इससे पहले भी रमन सरकार ने 3300 से अधिक स्कूल बंद और 12 हजार शिक्षकों के पद समाप्त किये गये थे। यह सरकार शिक्षा विरोधी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन.तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार.चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं। वर्तमान में तीन शिक्षकों को 40 मिनट की 6.6 कक्षाएं लेनी पड़ेगी।