एक सीट की वजह से एमपी में सपा-कांग्रेस में ठनी:बुधनी में सपा ने कैंडिडेट उतारा; शिवराज बोले-अंतर्विरोधों से जूझते लोग लड़ते-भिड़ते रहेंगे
एक सीट की वजह से एमपी में सपा-कांग्रेस में ठनी:बुधनी में सपा ने कैंडिडेट उतारा; शिवराज बोले-अंतर्विरोधों से जूझते लोग लड़ते-भिड़ते रहेंगे
मध्यप्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में I.N.D.I.A अलायंस में दरार नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के उसूलों के खिलाफ जाकर बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बागी अर्जुन आर्य को
उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने कहा, 'हमने दो सीटों में से एक मांगी थी। कांग्रेस ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए, इसके बाद हमने एक सीट पर अपना कैंडिडेट उतारा है।' उधर, सपा और कांग्रेस की इस रार पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'यह गठबंधन कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा है। यह स्वाभाविक अलायंस थोड़ी है? यह तो कुछ स्वार्थी लोगों का गठबंधन है, जो समान स्वार्थ के आधार पर इकट्ठा होते हैं। इनके बीच कोई सैद्धांतिक सहमति नहीं है। केवल एक ही रट- मोदी जी और बीजेपी का विरोध…।' डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस बुधनी में सपा उम्मीदवार के ऐलान के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। कांग्रेस के बुधनी चुनाव समिति के सदस्य शैलेंद्र पटेल का कहना है... समाजवादी पार्टी से हम बातचीत करेंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि I.N.D.I.A गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा। टिकट फाइनल करने से पहले हमने सपा प्रदेशाध्यक्ष से राय ली थी। बुधनी में प्रत्याशी उतारने से लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने गठबंधन पर दैनिक भास्कर से चर्चा की, पढ़िए इंटरव्यू... भास्कर: क्या कांग्रेस और आपका गठबंधन टूट गया है?
डॉ. मनोज यादव: विजयपुर सीट पर हम लोग I.N.D.I.A गठबंधन में हैं। बुधनी में उम्मीदवार उतारा है, क्योंकि उपचुनाव में हमने एक सीट मांगी थी। कांग्रेस ने दोनों जगह अपने उम्मीदवार उतार दिए, तो हमने बुधनी में
अपने पुराने साथी अर्जुन आर्य को उतारा। वे किसानों की लड़ाई लड़ते रहते हैं। किसानों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए आंदोलन किए और इसके लिए जेल भी गए। भास्कर: सपा को उम्मीदवार क्यों उतारना पड़ा?
डॉ. मनोज यादव: समाजवादी पार्टी 4 महीने से लगातार जमीन पर काम कर रही है। हमारी पार्टी को मध्यप्रदेश की जनता - किसानों के हित में लड़ाई लड़ना है और पार्टी का जनाधार बढ़ाना है, इसलिए हमें दो में से एक सीट चाहिए थी। हमने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है, क्योंकि जब तक हम जनता के बीच में अपना सिंबल लेकर नहीं जाएंगे, तब तक जनता हमें कैसे पहचानेगी और जनता की लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे। भास्कर: विजयपुर सीट पर क्या कांग्रेस नेताओं के साथ आप प्रचार करने जाएंगे?
डॉ. मनोज यादव: अगर राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्देश मिलेगा, तो बिल्कुल साथ में जाएंगे और प्रचार करेंगे। हमारा उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को हराना और समाजवादी पार्टी - I.N.D.I.A गठबंधन को मजबूत करना है। भास्कर: उम्मीदवार घोषित करने के बाद कांग्रेस नेताओं ने आपसे संपर्क किया?
डॉ. मनोज यादव: हां, मेरे पास फोन आए थे। हमने कहा कि आप राष्ट्रीय नेतृत्व से बात कीजिए। उनका जो फैसला है, वो हमें मान्य होगा। जैसे कांग्रेस में राष्ट्रीय नेतृत्व फैसला लेता है, वैसे ही हमारे यहां फैसले राष्ट्रीय नेतृत्व करता है। हमसे जो सुझाव मांगे जाते हैं, उसके सुझाव हमने दे दिए हैं। भास्कर: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कमलनाथ और हरियाणा चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा ने सपा को लेकर बयानबाजी की?
डॉ. मनोज यादव: निश्चित तौर पर कांग्रेस का अपने नेताओं पर कंट्रोल होना चाहिए। यहां कमलनाथ ने जो बोला था, उसका खामियाजा मध्यप्रदेश में उठाना पड़ा। वहां (हरियाणा) दीपेंद्र हुड्डा ने जो बोला, उसका खामियाजा कांग्रेस ने भुगता। हाथ से बनी बनाई सरकार चली गई। केवल अहीरवाल (हरियाणा का दक्षिणी हिस्सा) की ही बात कर लें, तो वहां 28 सीटें हैं। इनमें से कभी बीजेपी 5 - 6 सीट से ज्यादा नहीं जीती। इस देश में PDA (पिछड़ा, दलित अल्पसंख्यक) के तौर पर कोई असरदार नेता है, तो वे अखिलेश यादव हैं। अगर अहीरवाल बेल्ट में उनकी सभाएं कराई जातीं और उनका सपोर्ट लिया जाता, तो निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी कम से कम 20 सीट जीतती और आज उनकी सरकार हरियाणा में होती। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का इतना बड़ा दिल है कि उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की एक सीट थी, इसके बावजूद उन्हें 17 सीट दी। कांग्रेस को राष्ट्रीय अध्यक्ष से सीखना चाहिए और बड़ा दिल करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस बड़ा भाई है, तो बड़े भाई को ज्यादा झुकना पड़ता है। नीचे स्लाइड्स में जानिए, बुधनी - विजयपुर में चुनावी शेड्यूल, बीजेपी-कांग्रेस में कौन-किसके मुकाबले...
मध्यप्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में I.N.D.I.A अलायंस में दरार नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी ने गठबंधन के उसूलों के खिलाफ जाकर बुधनी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के बागी अर्जुन आर्य को
उम्मीदवार घोषित कर दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने कहा, 'हमने दो सीटों में से एक मांगी थी। कांग्रेस ने दोनों सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए, इसके बाद हमने एक सीट पर अपना कैंडिडेट उतारा है।' उधर, सपा और कांग्रेस की इस रार पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'यह गठबंधन कहीं की ईंट, कहीं का रोड़ा है। यह स्वाभाविक अलायंस थोड़ी है? यह तो कुछ स्वार्थी लोगों का गठबंधन है, जो समान स्वार्थ के आधार पर इकट्ठा होते हैं। इनके बीच कोई सैद्धांतिक सहमति नहीं है। केवल एक ही रट- मोदी जी और बीजेपी का विरोध…।' डैमेज कंट्रोल में जुटी कांग्रेस बुधनी में सपा उम्मीदवार के ऐलान के बाद कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। कांग्रेस के बुधनी चुनाव समिति के सदस्य शैलेंद्र पटेल का कहना है... समाजवादी पार्टी से हम बातचीत करेंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि I.N.D.I.A गठबंधन मिलकर चुनाव लड़ेगा। टिकट फाइनल करने से पहले हमने सपा प्रदेशाध्यक्ष से राय ली थी। बुधनी में प्रत्याशी उतारने से लेकर सपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव ने गठबंधन पर दैनिक भास्कर से चर्चा की, पढ़िए इंटरव्यू... भास्कर: क्या कांग्रेस और आपका गठबंधन टूट गया है?
डॉ. मनोज यादव: विजयपुर सीट पर हम लोग I.N.D.I.A गठबंधन में हैं। बुधनी में उम्मीदवार उतारा है, क्योंकि उपचुनाव में हमने एक सीट मांगी थी। कांग्रेस ने दोनों जगह अपने उम्मीदवार उतार दिए, तो हमने बुधनी में
अपने पुराने साथी अर्जुन आर्य को उतारा। वे किसानों की लड़ाई लड़ते रहते हैं। किसानों, पिछड़ों, आदिवासियों के लिए आंदोलन किए और इसके लिए जेल भी गए। भास्कर: सपा को उम्मीदवार क्यों उतारना पड़ा?
डॉ. मनोज यादव: समाजवादी पार्टी 4 महीने से लगातार जमीन पर काम कर रही है। हमारी पार्टी को मध्यप्रदेश की जनता - किसानों के हित में लड़ाई लड़ना है और पार्टी का जनाधार बढ़ाना है, इसलिए हमें दो में से एक सीट चाहिए थी। हमने एक सीट पर उम्मीदवार उतारा है, क्योंकि जब तक हम जनता के बीच में अपना सिंबल लेकर नहीं जाएंगे, तब तक जनता हमें कैसे पहचानेगी और जनता की लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे। भास्कर: विजयपुर सीट पर क्या कांग्रेस नेताओं के साथ आप प्रचार करने जाएंगे?
डॉ. मनोज यादव: अगर राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्देश मिलेगा, तो बिल्कुल साथ में जाएंगे और प्रचार करेंगे। हमारा उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी को हराना और समाजवादी पार्टी - I.N.D.I.A गठबंधन को मजबूत करना है। भास्कर: उम्मीदवार घोषित करने के बाद कांग्रेस नेताओं ने आपसे संपर्क किया?
डॉ. मनोज यादव: हां, मेरे पास फोन आए थे। हमने कहा कि आप राष्ट्रीय नेतृत्व से बात कीजिए। उनका जो फैसला है, वो हमें मान्य होगा। जैसे कांग्रेस में राष्ट्रीय नेतृत्व फैसला लेता है, वैसे ही हमारे यहां फैसले राष्ट्रीय नेतृत्व करता है। हमसे जो सुझाव मांगे जाते हैं, उसके सुझाव हमने दे दिए हैं। भास्कर: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कमलनाथ और हरियाणा चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा ने सपा को लेकर बयानबाजी की?
डॉ. मनोज यादव: निश्चित तौर पर कांग्रेस का अपने नेताओं पर कंट्रोल होना चाहिए। यहां कमलनाथ ने जो बोला था, उसका खामियाजा मध्यप्रदेश में उठाना पड़ा। वहां (हरियाणा) दीपेंद्र हुड्डा ने जो बोला, उसका खामियाजा कांग्रेस ने भुगता। हाथ से बनी बनाई सरकार चली गई। केवल अहीरवाल (हरियाणा का दक्षिणी हिस्सा) की ही बात कर लें, तो वहां 28 सीटें हैं। इनमें से कभी बीजेपी 5 - 6 सीट से ज्यादा नहीं जीती। इस देश में PDA (पिछड़ा, दलित अल्पसंख्यक) के तौर पर कोई असरदार नेता है, तो वे अखिलेश यादव हैं। अगर अहीरवाल बेल्ट में उनकी सभाएं कराई जातीं और उनका सपोर्ट लिया जाता, तो निश्चित तौर पर कांग्रेस पार्टी कम से कम 20 सीट जीतती और आज उनकी सरकार हरियाणा में होती। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का इतना बड़ा दिल है कि उत्तरप्रदेश में कांग्रेस की एक सीट थी, इसके बावजूद उन्हें 17 सीट दी। कांग्रेस को राष्ट्रीय अध्यक्ष से सीखना चाहिए और बड़ा दिल करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस बड़ा भाई है, तो बड़े भाई को ज्यादा झुकना पड़ता है। नीचे स्लाइड्स में जानिए, बुधनी - विजयपुर में चुनावी शेड्यूल, बीजेपी-कांग्रेस में कौन-किसके मुकाबले...