छत्तीसगढ़ संवाददाता
गरियाबंद, 7 जून। ईद उल अजहा (बकरीद) का त्योहार गरियाबंद में पूरी आस्था और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शहर के ईदगाह भाटा मैदान में नमाज अदा की गई। नमाज मौलाना पेश इमाम द्वारा अदा कराई गई, जिसमें गरियाबंद सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए।
इस मौके पर विशेष नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ की। नमाज के बाद कुर्बानी की प्रक्रिया शुरू हुई, जो इस्लाम धर्म के अनुयायियों द्वारा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में दी जाती है।
अमीन मेमन ने कहा- बकरीद का त्योहार हमें त्याग और सच्ची भक्ति की मिसाल देता है। यह दिन हमें बताता है कि खुदा की राह में किसी भी तरह की कुर्बानी छोटी नहीं होती। हर साल हम इस दिन को आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की मदद के लिए मनाते हैं।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
गरियाबंद, 7 जून। ईद उल अजहा (बकरीद) का त्योहार गरियाबंद में पूरी आस्था और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह 9 बजे शहर के ईदगाह भाटा मैदान में नमाज अदा की गई। नमाज मौलाना पेश इमाम द्वारा अदा कराई गई, जिसमें गरियाबंद सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए।
इस मौके पर विशेष नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ की। नमाज के बाद कुर्बानी की प्रक्रिया शुरू हुई, जो इस्लाम धर्म के अनुयायियों द्वारा हजरत इब्राहिम की कुर्बानी की याद में दी जाती है।
अमीन मेमन ने कहा- बकरीद का त्योहार हमें त्याग और सच्ची भक्ति की मिसाल देता है। यह दिन हमें बताता है कि खुदा की राह में किसी भी तरह की कुर्बानी छोटी नहीं होती। हर साल हम इस दिन को आपसी सौहार्द और जरूरतमंदों की मदद के लिए मनाते हैं।