इंदौर में अब शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस:कलेक्टर ने एक महीने के अंदर शिक्षकों को भी दायरे में लिया; यूपी में शिक्षक कर चुके विरोध

इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के बाद अब सरकारी स्कूलों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे सभी शिक्षकों की नियमित अटेंडेंस पता चल सकेगी। सभी सरकारी अस्पतालों और फिर ग्राम पंचायतों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी। अगले सात दिन में यह क्रियान्वयन शुरू होगा और अगले महीने से यह नियमित हो जाएगा। कलेक्ट्रेट में एक महीने पहले बायोमेट्रिक अटेंडेंस की नई व्यवस्था शुरू की गई। कलेक्टर आशीष सिंह ने खुद बायोमेट्रिक मशीन से अटेंडेंस लगाई। उन्होंने तब कहा था कि सभी शासकीय विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा और बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाना होगी। पंचिंग के आधार पर ही शासकीय सेवकों का वेतन जारी होगा। उस समय स्कूल के शिक्षकों को इससे अलग रखा गया था, लेकिन अब उन्हें भी इस डिजिटल अटेंडेंस के दायरे में ले लिया है। अस्पताल और ग्राम पंचायत में भी समय पर उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा। यूपी में शिक्षक कर चुके डिजिटल अटेंडेंस का विरोध सरकारी टीचरों के डिजिटल अटेंडेंस का विरोध उत्तरप्रदेश में हो चुका है। शिक्षकों के विरोध के बाद योगी सरकार बैकफुट पर आ गई थी। इसके बाद शासन की ओर से उत्तर प्रदेश में डिजिटल अटेंडेंस को होल्ड कर दिया गया। सरकारी टीचरों की डिजिटल हाजिरी पर रोक लग गई। यह रोक दो महीने के लिए थी। यानी ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम दो महीने तक लागू नहीं होगा। मामले को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले का निस्तारण करेगी। दो महीने का टाइम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मामले में फैसला नहीं हुआ है।

इंदौर में अब शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस:कलेक्टर ने एक महीने के अंदर शिक्षकों को भी दायरे में लिया; यूपी में शिक्षक कर चुके विरोध

इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के बाद अब सरकारी स्कूलों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे सभी शिक्षकों की नियमित अटेंडेंस पता चल सकेगी। सभी सरकारी अस्पतालों और फिर ग्राम पंचायतों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी। अगले सात दिन में यह क्रियान्वयन शुरू होगा और अगले महीने से यह नियमित हो जाएगा। कलेक्ट्रेट में एक महीने पहले बायोमेट्रिक अटेंडेंस की नई व्यवस्था शुरू की गई। कलेक्टर आशीष सिंह ने खुद बायोमेट्रिक मशीन से अटेंडेंस लगाई। उन्होंने तब कहा था कि सभी शासकीय विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा और बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगाना होगी। पंचिंग के आधार पर ही शासकीय सेवकों का वेतन जारी होगा। उस समय स्कूल के शिक्षकों को इससे अलग रखा गया था, लेकिन अब उन्हें भी इस डिजिटल अटेंडेंस के दायरे में ले लिया है। अस्पताल और ग्राम पंचायत में भी समय पर उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा। यूपी में शिक्षक कर चुके डिजिटल अटेंडेंस का विरोध सरकारी टीचरों के डिजिटल अटेंडेंस का विरोध उत्तरप्रदेश में हो चुका है। शिक्षकों के विरोध के बाद योगी सरकार बैकफुट पर आ गई थी। इसके बाद शासन की ओर से उत्तर प्रदेश में डिजिटल अटेंडेंस को होल्ड कर दिया गया। सरकारी टीचरों की डिजिटल हाजिरी पर रोक लग गई। यह रोक दो महीने के लिए थी। यानी ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम दो महीने तक लागू नहीं होगा। मामले को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले का निस्तारण करेगी। दो महीने का टाइम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मामले में फैसला नहीं हुआ है।