अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन-एक्सपो 2025 में महासमुंद के प्रतिनिधियों की भागीदारी

छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद,22 फरवरी। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में 17 से 19 फरवरी तक आयोजित अंतर राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 में महासमुंद का प्रतिनिधत्व दाऊलाल चंद्राकर,दानवीर शर्मा, नुकेश चंद्राकर,डा. नीरज गजेंद्र, ईश्वर सिन्हा और लक्ष्मीनाथ चंद्राकर ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा की और उनके विकास में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। सम्मेलन आयोजन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मंदिर प्रबंधन के आधुनिकीकरण,सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और मंदिरों की भूमिका को सशक्त बनाने पर मंथन करना था। सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू औरगोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक विशेष संदेश के माध्यम से इस पहल की सराहना की और मंदिर प्रबंधन में नवीनतम प्रथाओं के आदान.प्रदान को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में 58 से अधिक देशों के 1 हजार 581 मंदिरों के 3162 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान 111 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान 15 कार्यशालाएं आयोजित की गईं और 60 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। जिनमें मंदिरों के प्रबंधन और आधुनिकीकरण से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन-एक्सपो 2025 में महासमुंद के प्रतिनिधियों की भागीदारी
छत्तीसगढ़ संवाददाता महासमुंद,22 फरवरी। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में 17 से 19 फरवरी तक आयोजित अंतर राष्ट्रीय मंदिर सम्मेलन और एक्सपो 2025 में महासमुंद का प्रतिनिधत्व दाऊलाल चंद्राकर,दानवीर शर्मा, नुकेश चंद्राकर,डा. नीरज गजेंद्र, ईश्वर सिन्हा और लक्ष्मीनाथ चंद्राकर ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने प्रदेश के ऐतिहासिक मंदिरों के धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा की और उनके विकास में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। सम्मेलन आयोजन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मंदिर प्रबंधन के आधुनिकीकरण,सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और मंदिरों की भूमिका को सशक्त बनाने पर मंथन करना था। सम्मेलन का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू औरगोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक विशेष संदेश के माध्यम से इस पहल की सराहना की और मंदिर प्रबंधन में नवीनतम प्रथाओं के आदान.प्रदान को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में 58 से अधिक देशों के 1 हजार 581 मंदिरों के 3162 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान 111 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। इस दौरान 15 कार्यशालाएं आयोजित की गईं और 60 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए। जिनमें मंदिरों के प्रबंधन और आधुनिकीकरण से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।