हल्बा समाज सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय-रमन
हल्बा समाज सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय-रमन
सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख की घोषणा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 22 जून। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विस अध्यक्ष डॉ. सिंह की उपस्थिति में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी।
उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है। जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुडक़र महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
डॉ. सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोडऩे, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ गोविंदराम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख की घोषणा
छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 22 जून। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विस अध्यक्ष डॉ. सिंह की उपस्थिति में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी।
उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है। जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुडक़र महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
डॉ. सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोडऩे, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ गोविंदराम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।