हंगामे के बाद क्रांति सेना पदाधिकारियों पर मामला दर्ज

थाने में नारेबाजी का आरोप छत्तीसगढ़संवाददाता भिलाई नगर, 23 मई। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज से जुड़े विवाद को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे क्रांति सेना के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच जमकर बहस हो गई। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब प्रदर्शनकारी स्मृति नगर चौकी परिसर में नारेबाजी करने लगे। इसके बाद पुलिस ने संगठन के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और हंगामा करने का केस दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार क्रांति सेना के कार्यकर्ता शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुपेला थाना क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने पहले समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। मौके पर मौजूद सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद भी कुछ कार्यकर्ता तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और पुलिस से तीखी बहस करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने सभी को थाना परिसर से बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस साफ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि चौकी प्रभारी और थाना स्टाफ ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने मामले में क्रांति सेना के पदाधिकारी चेतन चंदेल सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

हंगामे के बाद क्रांति सेना पदाधिकारियों पर मामला दर्ज
थाने में नारेबाजी का आरोप छत्तीसगढ़संवाददाता भिलाई नगर, 23 मई। शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज से जुड़े विवाद को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे क्रांति सेना के पदाधिकारियों और पुलिस के बीच जमकर बहस हो गई। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब प्रदर्शनकारी स्मृति नगर चौकी परिसर में नारेबाजी करने लगे। इसके बाद पुलिस ने संगठन के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और हंगामा करने का केस दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार क्रांति सेना के कार्यकर्ता शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुपेला थाना क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने पहले समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया। मौके पर मौजूद सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद भी कुछ कार्यकर्ता तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे और पुलिस से तीखी बहस करने लगे। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने सभी को थाना परिसर से बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस साफ दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि चौकी प्रभारी और थाना स्टाफ ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिस ने मामले में क्रांति सेना के पदाधिकारी चेतन चंदेल सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।