छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 15 जून। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टी का आज आखिरी दिन, तोकापाल ब्लॉक के इरिकपाल गांव के किसान उमेश कश्यप के संयुक्त परिवार और बच्चों के साथ अपने खेतों में भुट्टे का बीज कतारबध तरीके से लगा रहे हैं। भुट्टे के बीज को लगाने से पहले खेतों की जुताई की जाती है, और जब मिट्टी नरम हो जाती है तो उसमें एक पंक्ति में एक व्यक्ति बीज डालता है, और ठीक उसके पीछे उस बीज को मिट्टी से ढकने का काम करता है। कुछ खाद डालने का, एक ही परिवार के होने से घर की सभी महिलाएं, बच्चे और आदमी एक ही दिन में एक से ज्यादा खेतों में कम समय में अधिक बीज लगा लेता है। बस्तर में भुट्टे की खेती किसान अधिक करतेे हैं। यह कम समय में तैयार हो जाता है। और इसे ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 15 जून। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टी का आज आखिरी दिन, तोकापाल ब्लॉक के इरिकपाल गांव के किसान उमेश कश्यप के संयुक्त परिवार और बच्चों के साथ अपने खेतों में भुट्टे का बीज कतारबध तरीके से लगा रहे हैं। भुट्टे के बीज को लगाने से पहले खेतों की जुताई की जाती है, और जब मिट्टी नरम हो जाती है तो उसमें एक पंक्ति में एक व्यक्ति बीज डालता है, और ठीक उसके पीछे उस बीज को मिट्टी से ढकने का काम करता है। कुछ खाद डालने का, एक ही परिवार के होने से घर की सभी महिलाएं, बच्चे और आदमी एक ही दिन में एक से ज्यादा खेतों में कम समय में अधिक बीज लगा लेता है। बस्तर में भुट्टे की खेती किसान अधिक करतेे हैं। यह कम समय में तैयार हो जाता है। और इसे ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती।