'पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन' संगठन की तैयारी:विधानसभा में विधायकों से उठवाएंगे पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा

मध्य प्रदेश के 4 लाख 59 हजार कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग को बुलंद कर रहे हैं। अपने भविष्य को लेकर चिंतित ये कर्मचारी 16 दिसंबर से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सक्रिय दिखाई देंगे। 'पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन' संगठन ने तय किया है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संगठन के नेता अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलेंगे और उनसे पुरानी पेंशन का मुद्दा विधानसभा में उठाने का निवेदन करेंगे। संगठन के भोपाल जिला अध्यक्ष सुरसरि प्रसाद पटेल ने बताया कि 15 दिसंबर को दिल्ली में संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें आंदोलन की देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इससे पहले हमने अपने क्षेत्रीय नेताओं से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलें और उनसे निवेदन करें कि वे विधानसभा में पुरानी पेंशन का मुद्दा उठाएं। ताकि मध्य प्रदेश सरकार साल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों व उनके आश्रितों का भविष्य सुरक्षित हो सके। पटेल बताते हैं कि इन कर्मचारियों के लिए वर्तमान में नेशनल पेंशन स्कीम लागू है, जिसमें इतनी भी पेंशन नहीं मिल रही है कि रिटायर कर्मचारी महीनेभर में परिवार के लिए जरूरी सब्जी का खर्च भी निकाल सकें। वे कहते हैं कि यह तो 4.59 लाख परिवारों के साथ अन्याय है। पूरा जीवन सरकार की सेवा में लगाने वाले कर्मचारी को बुढ़ापे में गुजर-बसर के लिए 20 से 25 हजार रुपए महीना पेंशन का भी हक नहीं है। पटेल कहते हैं कि जनप्रतिनिधि कर्मचारियों की मजबूरी समझ रहे हैं। इसलिए वे विधानसभा में पूरी ताकत से इस मुद्दे को उठाएंगे और हमें हमारा हक दिलाएंगे। बस हमें अपनी बात को ठीक ढंग से जनप्रतिनिधियों के सामने रखना है। वे कहते हैं कि प्रदेश में जहां भी बैठकें आयोजित की जा रही हैं, वहां स्थानीय नेताओं से इस दिशा में काम करने को कहा जा रहा है।

'पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन' संगठन की तैयारी:विधानसभा में विधायकों से उठवाएंगे पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा
मध्य प्रदेश के 4 लाख 59 हजार कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग को बुलंद कर रहे हैं। अपने भविष्य को लेकर चिंतित ये कर्मचारी 16 दिसंबर से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सक्रिय दिखाई देंगे। 'पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन' संगठन ने तय किया है कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले संगठन के नेता अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलेंगे और उनसे पुरानी पेंशन का मुद्दा विधानसभा में उठाने का निवेदन करेंगे। संगठन के भोपाल जिला अध्यक्ष सुरसरि प्रसाद पटेल ने बताया कि 15 दिसंबर को दिल्ली में संगठन का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें आंदोलन की देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इससे पहले हमने अपने क्षेत्रीय नेताओं से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विधायकों से मिलें और उनसे निवेदन करें कि वे विधानसभा में पुरानी पेंशन का मुद्दा उठाएं। ताकि मध्य प्रदेश सरकार साल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों व उनके आश्रितों का भविष्य सुरक्षित हो सके। पटेल बताते हैं कि इन कर्मचारियों के लिए वर्तमान में नेशनल पेंशन स्कीम लागू है, जिसमें इतनी भी पेंशन नहीं मिल रही है कि रिटायर कर्मचारी महीनेभर में परिवार के लिए जरूरी सब्जी का खर्च भी निकाल सकें। वे कहते हैं कि यह तो 4.59 लाख परिवारों के साथ अन्याय है। पूरा जीवन सरकार की सेवा में लगाने वाले कर्मचारी को बुढ़ापे में गुजर-बसर के लिए 20 से 25 हजार रुपए महीना पेंशन का भी हक नहीं है। पटेल कहते हैं कि जनप्रतिनिधि कर्मचारियों की मजबूरी समझ रहे हैं। इसलिए वे विधानसभा में पूरी ताकत से इस मुद्दे को उठाएंगे और हमें हमारा हक दिलाएंगे। बस हमें अपनी बात को ठीक ढंग से जनप्रतिनिधियों के सामने रखना है। वे कहते हैं कि प्रदेश में जहां भी बैठकें आयोजित की जा रही हैं, वहां स्थानीय नेताओं से इस दिशा में काम करने को कहा जा रहा है।