नीट 2 के परिणामों के बाद बहुत से बच्चे निराश, आत्मघाती कदम उठा रहे - दीपक बैज
नीट 2 के परिणामों के बाद बहुत से बच्चे निराश, आत्मघाती कदम उठा रहे - दीपक बैज
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 19 जुलाई। संभाग मुख्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कोटा से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने के बाद, आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज महारैली को संबोधित किया। इस विशाल जनसभा के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के बीच पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दी गई।
श्री बैज ने कहा कि पेपर लीक का संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन अब तक एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली है।
मोदी सरकार के राज में नीट के परीक्षा में जो गड़बडिय़ां हुई तथा परीक्षा रद्द हुई, उससे बच्चे निराश हुए, जिनका पेपर पहली बार अच्छा गया था, वे बच्चे तो बहुत ज्यादा निराश हुए थे और उसी निराश में बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे।
इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से पीसीसी प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, रविशंकर तिवारी, जिला महामंत्री जाहिद हुसैन, अनुराग महतो,नीतीश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा, रोजविन दास, संजय पाणिग्रही, महेश ठाकुर, आदर्श दलाई, सलीम जाफर अली, शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
श्री बैज ने आगे कहा कि लाखों अभ्यर्थी भारी दबाव के बीच औसतन पांच वर्षों तक प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस तैयारी में न केवल अभ्यर्थियों, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और त्याग का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अन्य अवसरों के दरवाजे उनके लिए बंद होते जा रहे हैं, इसलिए हर साल लगभग 9 करोड़ अभ्यर्थियों को केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि देहरादून महारैली, राहुल गांधी के साथ मंच पर वे छात्र भी मौजूद थे, जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या रद्द होने के कारण प्रभावित हुईं और जिनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई।
रैली के सबसे भावुक क्षण में आत्महत्या करने वाली एक छात्रा रिया थापा के पिता ने अपना दर्द साझा किया। उनकी पीड़ा ने याद दिलाया कि यह संकट केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि उन परिवारों का है, जिनकी दुनिया हमेशा के लिए बिखर गई है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं के सामने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था के लिए अपना विजन रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को इस तरह पुनर्गठित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हों, आधुनिक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित हो, संस्थानों की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा शिक्षा निजीकरण और वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त हो।
दीपक बैज ने आगे कहा -एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से यह अभियान सडक़ से लेकर संसद तक पूरे देश में लगातार आगे बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे बताया- विगत दो दिन पूर्व ही जगदलपुर में एक मासूम बच्ची ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर ली। नीट 2 के परिणाम के बाद जगदलपुर के अड़ावल की एक बच्ची सुरला हारिका राव ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर लिया। बताते है कि रद्द हुई नीट परीक्षा में बच्ची के अंक ज्यादा आ रहे थे तथा नीट 2 के बाद उसके अंक कम आये इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दिया। इस बच्ची की मौत और इस प्रकार से अन्य बच्चों की मौतों और उनकी हताशा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।
छत्तीसगढ़ संवाददाता
जगदलपुर, 19 जुलाई। संभाग मुख्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कोटा से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने के बाद, आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित छात्रों की गूंज महारैली को संबोधित किया। इस विशाल जनसभा के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के बीच पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दी गई।
श्री बैज ने कहा कि पेपर लीक का संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन अब तक एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली है।
मोदी सरकार के राज में नीट के परीक्षा में जो गड़बडिय़ां हुई तथा परीक्षा रद्द हुई, उससे बच्चे निराश हुए, जिनका पेपर पहली बार अच्छा गया था, वे बच्चे तो बहुत ज्यादा निराश हुए थे और उसी निराश में बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे।
इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से पीसीसी प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, रविशंकर तिवारी, जिला महामंत्री जाहिद हुसैन, अनुराग महतो,नीतीश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी, यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा, रोजविन दास, संजय पाणिग्रही, महेश ठाकुर, आदर्श दलाई, सलीम जाफर अली, शादाब अहमद, खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
श्री बैज ने आगे कहा कि लाखों अभ्यर्थी भारी दबाव के बीच औसतन पांच वर्षों तक प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस तैयारी में न केवल अभ्यर्थियों, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और त्याग का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अन्य अवसरों के दरवाजे उनके लिए बंद होते जा रहे हैं, इसलिए हर साल लगभग 9 करोड़ अभ्यर्थियों को केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि देहरादून महारैली, राहुल गांधी के साथ मंच पर वे छात्र भी मौजूद थे, जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या रद्द होने के कारण प्रभावित हुईं और जिनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई।
रैली के सबसे भावुक क्षण में आत्महत्या करने वाली एक छात्रा रिया थापा के पिता ने अपना दर्द साझा किया। उनकी पीड़ा ने याद दिलाया कि यह संकट केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि उन परिवारों का है, जिनकी दुनिया हमेशा के लिए बिखर गई है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने युवाओं के सामने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था के लिए अपना विजन रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को इस तरह पुनर्गठित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हों, आधुनिक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित हो, संस्थानों की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा शिक्षा निजीकरण और वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त हो।
दीपक बैज ने आगे कहा -एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से यह अभियान सडक़ से लेकर संसद तक पूरे देश में लगातार आगे बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आगे बताया- विगत दो दिन पूर्व ही जगदलपुर में एक मासूम बच्ची ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर ली। नीट 2 के परिणाम के बाद जगदलपुर के अड़ावल की एक बच्ची सुरला हारिका राव ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर लिया। बताते है कि रद्द हुई नीट परीक्षा में बच्ची के अंक ज्यादा आ रहे थे तथा नीट 2 के बाद उसके अंक कम आये इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दिया। इस बच्ची की मौत और इस प्रकार से अन्य बच्चों की मौतों और उनकी हताशा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।