गढ़चिरौली-नारायणपुर फोर्स ने नक्सल हथियार फैक्ट्री किया ध्वस्त
गढ़चिरौली-नारायणपुर फोर्स ने नक्सल हथियार फैक्ट्री किया ध्वस्त
घातक हथियार, नक्सल विस्फोटक नष्ट
राजनांदगांव, 29 मई। छत्तीसगढ़ की नारायणपुर और महाराष्ट्र की संयुक्त फोर्स ने एक नक्सल ऑपरेशन में नारायणपुर जिले के काकूर से सटे अंतरराज्यीय सीमा पर नक्सलियों के हथियार बनाने की फैक्ट्री को जमींदोज करते बड़े पैमाने पर घातक हथियार व विस्फोटक बरामद किया है। फोर्स ने मौके पर बड़ी तादाद में जिंदा कारतूस भी जब्त किया है।
दरअसल दोनों जिले की पुलिस को काकूर से करीब 7 किमी दूर आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री संचालित करने की सूचना मिली थी। इसके बाद दोनों जिले की एक संयुक्त टीम ने गश्त करते जमीन में गढ़ाए हथियार व विस्फोटक जब्त किया। फोर्स ने मौके से 01 इंसास रायफल, 2 नग 12 बोर रायफल, 18 जिंदा कारतूस, 110 डेटोनेटर, 500 सेल, 7 बीजीएलए बैटरी, वायर समेत अन्य नक्सल सामान जब्त किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गढ़चिरौली जिले में माओवाद का पूरी तरह से सफाया हो चुका है और माओवादी आंदोलन लगभग समाप्त हो चुका है। माओवादी सुरक्षा बलों को धमकाने और हत्याएं करने के लिए विभिन्न प्रकार के हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल करते थे। अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र के दूरदराज के वन क्षेत्रों का फायदा उठाते माओवादियों ने इन सामग्रियों को तैयार किया और गुप्त रूप से वन क्षेत्रों में छिपा दिया। इनका इस्तेमाल विभिन्न नक्सली उत्सवों, चुनावों आदि के दौरान सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने किया जाता था। 23 मई 2026 को इसके खिलाफ की गई कार्रवाई के साथ-साथ गढ़चिरोली पुलिस बल ने 27 मई 2026 को एक और प्रभावी कार्रवाई करते माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाई गई सामग्रियों को जब्त कर लिया है।
घातक हथियार, नक्सल विस्फोटक नष्ट
राजनांदगांव, 29 मई। छत्तीसगढ़ की नारायणपुर और महाराष्ट्र की संयुक्त फोर्स ने एक नक्सल ऑपरेशन में नारायणपुर जिले के काकूर से सटे अंतरराज्यीय सीमा पर नक्सलियों के हथियार बनाने की फैक्ट्री को जमींदोज करते बड़े पैमाने पर घातक हथियार व विस्फोटक बरामद किया है। फोर्स ने मौके पर बड़ी तादाद में जिंदा कारतूस भी जब्त किया है।
दरअसल दोनों जिले की पुलिस को काकूर से करीब 7 किमी दूर आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री संचालित करने की सूचना मिली थी। इसके बाद दोनों जिले की एक संयुक्त टीम ने गश्त करते जमीन में गढ़ाए हथियार व विस्फोटक जब्त किया। फोर्स ने मौके से 01 इंसास रायफल, 2 नग 12 बोर रायफल, 18 जिंदा कारतूस, 110 डेटोनेटर, 500 सेल, 7 बीजीएलए बैटरी, वायर समेत अन्य नक्सल सामान जब्त किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गढ़चिरौली जिले में माओवाद का पूरी तरह से सफाया हो चुका है और माओवादी आंदोलन लगभग समाप्त हो चुका है। माओवादी सुरक्षा बलों को धमकाने और हत्याएं करने के लिए विभिन्न प्रकार के हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल करते थे। अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र के दूरदराज के वन क्षेत्रों का फायदा उठाते माओवादियों ने इन सामग्रियों को तैयार किया और गुप्त रूप से वन क्षेत्रों में छिपा दिया। इनका इस्तेमाल विभिन्न नक्सली उत्सवों, चुनावों आदि के दौरान सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने किया जाता था। 23 मई 2026 को इसके खिलाफ की गई कार्रवाई के साथ-साथ गढ़चिरोली पुलिस बल ने 27 मई 2026 को एक और प्रभावी कार्रवाई करते माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाई गई सामग्रियों को जब्त कर लिया है।