कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, राहत शिविर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा

छत्तीसगढ़ संवाददाता बीजापुर, 31 जुलाई। जिले में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच कलेक्टर विश्वदीप ने शुक्रवार को भोपालपटनम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे, संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने इन्द्रावती नदी पर स्थित तिमेड़ पुल का निरीक्षण कर जलस्तर और आवागमन की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद चंदनगिरी राहत शिविर पहुंचकर वहां ठहरे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, वस्त्र, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में रह रहे प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं की नियमित पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। साथ ही बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र सर्वेक्षण कर पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नल्लमपल्ली और रामपुरम गांवों का भी भ्रमण कर बाढ़ की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। रामपुरम में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बहाव के साथ पानी बहता मिला। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलमग्न एवं बहते पानी वाले मार्गों पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए तथा सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि न हो। कलेक्टर विश्वदीप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्थिति में बहते पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यकता पडऩे पर तत्काल एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अथवा जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित प्रत्येक नागरिक तक राहत एवं सहायता पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, राहत शिविर में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
छत्तीसगढ़ संवाददाता बीजापुर, 31 जुलाई। जिले में लगातार हो रही बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच कलेक्टर विश्वदीप ने शुक्रवार को भोपालपटनम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। दौरे के दौरान पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे, संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने इन्द्रावती नदी पर स्थित तिमेड़ पुल का निरीक्षण कर जलस्तर और आवागमन की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद चंदनगिरी राहत शिविर पहुंचकर वहां ठहरे बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, वस्त्र, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में रह रहे प्रत्येक परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं की नियमित पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। साथ ही बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र सर्वेक्षण कर पात्र प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नल्लमपल्ली और रामपुरम गांवों का भी भ्रमण कर बाढ़ की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। रामपुरम में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज बहाव के साथ पानी बहता मिला। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलमग्न एवं बहते पानी वाले मार्गों पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए तथा सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, जिससे किसी प्रकार की जनहानि न हो। कलेक्टर विश्वदीप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से चर्चा करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्थिति में बहते पानी को पार करने का प्रयास न करें तथा आवश्यकता पडऩे पर तत्काल एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अथवा जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित प्रत्येक नागरिक तक राहत एवं सहायता पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।